कम्युनिटी ट्रांसमिशन शुरू हो तो क्या करें?

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कम्युनिटी ट्रांसमिशन शुरू हो तो क्या करें?

नई दिल्ली। बीते 24 घंटे में देश में 40 हजार से ज्यादा कोरोना के नए मामले सामने आ चुके हैं. मरीजों की संख्या 11 लाख के पार जा चुकी है. लक्षद्वीप को छोड़ दें तो कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक हर राज्य में कोरोना ने अपनी पैठ बना ली है. आईएमए और कुछ अन्य एक्सपट्र्स का दावा है कि देश में कोरोनावायरस को लेकर कम्युनिटी ट्रांसमिशन की शुरुआत हो चुकी है. आखिर कम्युनिटी ट्रांसमिशन है क्या? यह स्थिति खतरनाक क्यों है? पहले से ही कोरोना की मार झेल रहे देश पर इसके क्या दुष्परिणाम होंगे? इससे कैसे बचा जा सकता है?

क्या है कम्युनिटी ट्रांसमिशन?
इसे आसान शब्दों में समझें तो जब महामारी कम्युनिटी में इस कदर फैल जाए कि यह पता ही न चले कौन किस वजह से इनफेक्टेड हुआ है उसे कम्युनिटी इनफेक्शन कहते हैं. इनफेक्टेड मरीज किस अन्य मरीज के संपर्क में आया था, जब यह पता लगाना नामुमकिन हो जाए, वही स्थिति कम्युनिटी ट्रांसमिशन की होती है.

तीसरा चरण है कोरोना का
किसी भी अज्ञात वायरस या बीमारी के फैलने के चार चरण माने जाते हैं. कोरोना वायरस के मामले में भी यह चीज लागू होती है. इसमें चौथा चरण सबसे खतरनाक है.

पहला चरण
किसी भी वायरस के फैलने का यह पहला चरण होता है. इसमें वायरस कहां से फैला, इसकी जानकारी होती है. ट्रैवल हिस्ट्री का पता लगाकर इसे ज्यादा लोगों में फैलने से रोका जा सकता है.

दूसरा चरण
इसमें इनफेक्टेड व्यक्ति से वायरस उसके परिवार या परिजनों तक भी पहुंच जाता है. ऐसे में कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग बहुत जरूरी होती है. इस स्थिति में लॉकडाउन, कंटेनमेंट जोन बनाकर वायरस को फैलने से रोका जा सकता है. इसे लोकल ट्रांसमिशन के नाम से भी जाना जाता है.

तीसरा चरण
इसे हम कम्युनिटी ट्रांसमिशन के नाम से जानते हैं. यह बेहद खतरनाक स्थिति है क्योंकि इसमें वायरस अचानक से बहुत तेजी से फैलता है. संक्रमित होने वाले व्यक्ति को संक्रमण के स्रोत के बारे में कोई जानकारी नहीं होती है. ऐसे में इसे ट्रेस कर पाना असंभव हो जाता है.

चौथा चरण
यह किसी भी वायरस या बीमारी के संक्रमण का अंतिम चरण है जो सबसे खतरनाक है. इस अवस्था में बीमारी संबंधित क्षेत्र में महामारी का रूप ले लेती है. इस स्थिति में मौत की संख्या बहुत ज्यादा बढ़ जाती है. इटली, स्पेन, फ्रांस, अमेरिका और ईरान समेत कई देश तीसरे चरण को पार कर इस स्थिति में पहुंच चुके हैं.

आखिर क्यों खतरनाक है यह ?

आबादी के मामले में चीन के बाद भारत दुनिया में दूसरे नंबर पर है. कम्युनिटी ट्रांसमिशन की स्थिति से वायरस बहुत तेजी से फैलता है. ऐसे में ज्यादा से ज्यादा लोगों के संक्रमित होने का खतरा बना रहेगा. आईएमए हॉस्पिटल बोर्ड ऑफ इंडिया के चेयरमैन डॉक्टर वीके मोंगा के मुताबिक यह बीमारी ग्रामीण क्षेत्रों तक फैलने लगी है, जो बहुत बुरे संकेत हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में पहले ही बेहतर चिकित्सा सुविधाओं का अभाव है. ऐसे में स्थिति भयावह हो सकती है. आईआईटी भुवनेश्वर की स्टडी में आशंका जताई गई है कि मानसून और सर्दी में यह वायरस और तेजी से फैल सकता है. मामलों के दोगुना होने की दर 1.13 दिन तक बढ़ सकती है.

बचाव के संभावित तरीके

टेस्टिंग
टेस्टिंग को ज्यादा से ज्यादा बढ़ाना होगा. साउथ कोरिया ने ने यही कदम उठाकर इस महामारी पर नियंत्रण पाया था.

सोशल डिस्टेंसिंग
देश में बड़ी संख्या ऐसे संक्रमितों की भी है, जिनमें लक्षण नहीं दिख रहे हैं. ऐसे में हमेशा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें.

मास्क पहनें
डब्ल्यूएचओ ने भी माना है कि कोरोना हवा से फैल सकता है. इसलिए घर से बाहर निकलने पर मास्क जरूर पहनें.

सैनिटाइजर
हाथों को सैनिटाइज करते रहें और घर लौटने पर सबसे पहले साबुन से अच्छे से हाथ धोएं.

क्वारंटीन
हल्के लक्षण वाले मरीज भी खुद को घर पर क्वारंटीन करें. हल्के लक्षणों को भी नजरअंदाज न करें.

इम्युनिटी बढ़ाएं
कई स्टडीज में यह पुष्टि हुई है कि अगर आपकी इम्युनिटी अच्छी है तो आप कोरोना से लड़ सकते हैं. इसलिए योग, कसरत और अच्छे खानपान से अपनी इम्युनिटी को मजबूत करें.

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