अमित बिश्नोई
काफी समय से भारत-पाकिस्तान के मैच का इंतज़ार कर रहे क्रिकेट फैंस को उस वक्त निराशा हाथ लगी जब बारिश ने मज़ा किरकिरा करते हुए पाकिस्तान की पारी नहीं होने दी और मैच को रद्द करना पड़ा. निराश तो टीम इंडिया के टॉप बैटिंग लाइन अप ने भी किया। बेशक स्कोर 266 का रहा जो ज़्यादा बुरा भी नहीं था लेकिन पाकिस्तान के पेस अटैक के सामने भारत की टॉप बैटिंग लाइन का फ्लॉप होना बहुत से सवाल खड़े कर गया. मैच पूरा होता तो क्या नतीजा निकलता इसपर तो बहस बेकार है, हाँ अगर मैच होता तो भारतीय गेंदबाज़ी का एक टेस्ट ज़रूर हो जाता, विशेषकर बुमराह का जो इंजरी और ऑपरेशन से निपटने के बाद पहली बार किसी एकदिवसीय मैच में खेल रहे थे. भारतीय बॉलिंग लाइन अप में बुमराह का 100 फ़ीसदी फिट होना और अपने पुराने रिदम में लौटना बड़ा अहम् है क्योंकि बात सिर्फ एशिया कप की नहीं बल्कि विश्व कप की है।
मैच में टॉस जीतकर रोहित ने पहले बल्लेबाज़ी करने का फैसला किया, हालाँकि टीम इंडिया चेज़ करना ज़्यादा पसंद करती है. इस फैसले के पीछे सोच यही होगी कि पाकिस्तान को लक्ष्य का पीछा करने में परेशानी होती है. लेकिन ये फैसला तभी सही बैठता जब आप एक मज़बूत शुरुआत देते। लेकिन ऐसा नहीं हुआ और भारत ने 16 ओवर में चार विकेट गँवा दिए, ये विकेट रोहित, कोहली, श्रेयस और गिल के थे। जब आप 15 ओवर में अपने सभी मुख्य बल्लेबाज़ों को खो देते हैं तो फिर आप किसी बड़े स्कोर की उम्मीद कैसे कर सकते हैं. ये तो भला हो ईशान किशन और हार्दिक पंड्या का जिन्होंने अपने नेचुरल अंदाज़ की तिलांजलि दी और 138 रनों की साझेदारी कर टीम को एक रेस्पेक्टेबले टोटल तक पहुँचाया। इन दोनों बल्लेबाज़ों की जितनी भी तारीफ की जाय कम है।
सवाल टीम कॉम्बिनेशन और बैटिंग लाइन अप पर भी उठता है. क्या ये टीम मैनेजमेंट की ज़िद है कि परिस्थितियां चाहे जो भी हों, सामने बॉलिंग अटैक जो भी हो टॉप थ्री के बैटिंग आर्डर में कोई तब्दीली नहीं हो सकती। आपको पता है पाकिस्तानी पेसर्स विशेषकर शाहीन के सामने परेशानी होती रही है फिर भी आप अपनी रणनीति में बदलाव नहीं कर सकते। आप बल्लेबाज़ी में नीचे नहीं आ सकते। भारतीय टीम मैनेजमेंट को छोड़कर क्रिकेट का हर जानकार कह रहा था कि ईशान किशन अगर टीम में हैं तो उन्हें बतौर सलामी बल्लेबाज़ के तौर पर ही खिलाना चाहिए क्योंकि वो उनका नेचुरल स्थान है. रोहित शर्मा जिन्हें शाहीन के सामने नई गेंद से परेशानी आती है नंबर तीन या नंबर चार पर खेलना चाहिए। लेकिन कोई बदलाव नहीं, नतीजा एक रीप्ले के तौर पर नज़र आया।
रोहित शर्मा, जो पिछले दो दिनों से सिर्फ शाहीन को काउंटर करने के लिए लेफ़्टी पेसर के सामने नेट्स पर पसीना बहा रहे थे लेकिन उसका कोई नतीजा नज़र नहीं आया ठीक पुराने अंदाज़ में आउट होकर उन्हें वापस जाना पड़ा. पाकिस्तानी पेसर्स ने बेशक अच्छी गेंदबाज़ी की लेकिन जब आप विराट, शुभमन गिल और श्रेयस को आउट होते देखेंगे तो उसमें अच्छी गेंदबाज़ी का नहीं बल्कि ख़राब शॉट सिलेक्शन नज़र आएगा। आप इन बल्लेबाज़ों से इतने ख़राब शॉट खेलकर आउट होने की उम्मीद नहीं कर सकते। टीम इंडिया आल आउट हुई इससे भी पता चलता है कि बल्लेबाज़ी में कहीं न कहीं समस्या है, अगर आप 8 नंबर तक बल्लेबाज़ी रखने के बाद भी पूरे पचास ओवर नहीं खेल पाए तो सवाल उठना लाज़मी है. टीम इंडिया का शुमार दुनिया की सबसे मज़बूत बैटिंग लाइन अप में किया जाता है, ऐसी बैटिंग लाइन वाली टीम का आल आउट होना मामूली बात नहीं, लेकिन पिछले एकसाल में दो या तीन बार ऐसा हो चूका है।
जहाँ तक पाकिस्तानी गेंदबाज़ी का सवाल है तो उनके तेज़ गेंदबाज़ों ने भारतीय बल्लेबाज़ी के सामने एकबार फिर खुद को साबित किया। शाहीन आफरीदी की बॉलिंग एनालिसिस काफी अच्छी नज़र आती है लेकिन सच कहा जाय तो वो अपनी लय में नहीं थे, पहले दो ओवरों में तो लाइन से बिलकुल भटके हुए थे और पहले दो ओवर ही शाहीन के सबसे कमाल के होते हैं यह तो बारिश के व्यवधान ने उनको मदद पहुंचाई और बाद में उन्होंने अपनी लाइन को बदला और रोहित को जिस तरह वो आउट करना चाह रहे थे उस तरह आउट करने में कामयाब रहे. वरना विराट का विकेट उन्हें इनाम में मिला ही कहा जायेगा, जडेजा भी काफी बाहर की गेंद को एज लगा बैठे, हाँ हार्दिक को एक अच्छी स्लोवर फेंककर सरप्राइज़ ज़रूर किया। हारिस रऊफ को विकेट ज़रूर मिले मगर मार भी खाई, अलबत्ता नसीम शाह दोनों पेसर से कहीं ज़्यादा प्रभावी नज़र आये।
भारत का अगला मैच नेपाल से है, इस मैच से भारत की कमियों के बारे में पता लगना मुश्किल है, पाकिस्तान के खिलाफ गेंदबाज़ी होती तो एक अच्छा टेस्ट होता। अब इसके लिए भारत को राउंड 4 का इंतज़ार करना होगा जहाँ उसे पाकिस्तान से एकबार फिर भिड़ना है, इसके अलावा श्रीलंका, बांग्लादेश और अफ़ग़ानिस्तान में किन्ही दो टीमों के खिलाफ खेलना है. लेकिन यहाँ इस बात पर ध्यान देने की ज़रुरत है इन तीनों टीमों के पास पेस अटैक सिर्फ काम चलाऊ है, तीनों ही टीमें स्पिनर्स के सहारे ही हैं ऐसे में बल्लेबाज़ी का टेस्ट पाकिस्तान के खिलाफ ही होगा, हाँ बुमराह के 10 ओवर कैसे रहते हैं इसका टेस्ट ज़रूर हो जायेगा। फिलहाल तो इतना ही कहा जा सकता है कि बारिश ने भारत और पाकिस्तान दोनों ही टीमों को हार की ज़िल्लत से बचाया। लेकिन टीम इंडिया के लिए कई सवाल छोड़ गया. अब देखना है कि पहले मैच से टीम इंडिया क्या सबक़ लेगी ?

