भारत और पाकिस्तान के बीच कल रात हुई एशिया कप की जंग को भारत ने जीत लिया। मैच के नतीजे को देखें तो काफी नज़दीकी मुकाबला दिखाई देता है. इस पर लोगों की अलग राय रख सकते हैं. राय तो मैच के बाद दोनों टीमों के कप्तानों ने भी अपनी टीम की परफॉरमेंस पर डाली। क्या अच्छा रहा और कहाँ कमी रह गयी इसके बारे में बताया। आइये जानते हैं कि 10 महीने के इंतज़ार के बाद हुए इस मुकाबले के बाद बाबर और रोहित शर्मा ने क्या कहा.
बात पहले हारने वाली के कप्तान बाबर आज़म की करते हैं तो जैसा की पहले से आशंका जताई जा रही थी कि पाकिस्तान की टीम को शाहीन आफरीदी की कमी खलेगी और मैच के बाद अपनी बातचीत में बाबर आज़म ने भाई वही बात की और शाहीन की कमी को हार की एक बड़ी वजह बताया। बाबर अपनी टीम की बल्लेबाज़ी से काफी असंतुष्ट दिखाई दिए, उनके मुताबिक साझेदारी न होने से टीम मुश्किल में रही. पाकिस्तान की बल्लेबाज़ी वैसे भी टॉप आर्डर पर ही निर्भर करती है, मिडिल आर्डर में पाकिस्तान लगातार संघर्ष कर रहा है और अब उनके पास अनुभवी मोहम्मद हफ़ीज़ और शोएब मालिक भी नहीं है. इसलिए पाकिस्तान के लिए हर मैच में बाबर, रिज़वान और फखर का चलना ज़रूरी है जोकि मॉडर्न क्रिकेट में संभव नहीं है. भारत की टीम में सिचुएशन बिलकुल उलट है, टीम इंडिया को जितना भरोसा टॉप आर्डर पर है उतना ही अपने मिडिल आर्डर पर और इस मैच में यह बात साफ़ नज़र भी आयी. रोहित ने कहा भी कि उन्हें अपने बल्लेबाज़ों पर आखिर तक भरोसा था.
बाबर हालाँकि अपने गेंदबाज़ों से खुश दिखाई दिए. नसीम शाह की उन्होंने बड़ी तारीफ की. नसीम ने शुरुआत भी लगभग विश्व कप के मैच में शाहीन जैसी कि थी. राहुल को बोल्ड मार कोहली को भी स्लिप में निकलवा दिया था लेकिन वह कैच पकड़ा नहीं जा सका. बाबर की कप्तानी में अनुभवहीनता भी नज़र आयी. दरअसल जब पाकिस्तान की टीम बल्लेबाज़ी कर रहीथी तब गेंदबाज़ी में स्लो ओवर रेट के कारण भारत को अंतिम तीन ओवरों में सर्किल के अंदर पेनल्टी के रूप में चार की जगह पांच फील्डर्स रखने पड़े, शायद यही वजह रही कि पाकिस्तान की अंतिम जोड़ी 19 रन बनाकर टीम को एक सम्मानजनक स्कोर दे सकी. बाबर आज़म ने भी वहीँ ग़लती दोहराई और रोहित शर्मा की गलती से कोई सबक न सीखते हुए उन्होंने भी ओवर रेट पर कोई ध्यान नहीं दिया, नतीजा यह हुआ पाक्सितान की टीम अंतिम चार ओवरों में सर्किल की अंदर पांच फील्डर रखने को मज़बूर हुई और इसका खामियाज़ा भी उन्हें भुगतना पड़ा, जडेजा ने विशेषकर इस सिचुएशन का पूरा फायदा उठाया। वर्ना मैच और नज़दीकी हो सकता था.
जहाँ तक रोहित शर्मा की बात हैं तो उन्होंने हार्दिक पांड्या की जमकर तारीफ की. राहुल ने कहा स्कोर को देखते हुए मैच को और पहले जीता सकता था लेकिन उससे बेहतर यह है कि इस तरह से मैच जीता जाए. टीम के हर बल्लेबाज़ को यह एहसास होना चाहिए कि उसका रोल क्या है. हम चाहते थे कि हमारे नीचे के बल्लेबाज़ों को और भरोसा मिले, रोहित ने कहा कि 10 ओवर बीत जाने के बाद भी हम परेशान नहीं थे क्योंकि हमें मालूम था कि बाद में आने वाले बल्लेबाज़ों को अपनी भूमिका के बारे में पता है. रोहित ने अपने गेंदबाज़ों की भी जानकर तारीफ की, रोहित ने कहा कि पिछले कुछ सैलून से हमारे तेज़ आक्रमण ने काफी धारदार गेंदबाज़ी की है. रोहित ने हार्दिक को एक्स फैक्टर बताया.
