2022 के चुनावों में बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती का ध्यान पूर्ण रूप से उत्तर प्रदेश में 86 आरक्षित सीटों पर है जिसके लिए वे कई तरह कि रणनीति बना रही है।
लखनऊ। मंगलवार को लखनऊ में मायावती ने 86 आरक्षित सीटों के लिए रणनीति पर चर्चा करने के लिए BSP विधानसभा प्रभारियों और अध्यक्षों की अहम बैठक बुलाई। उत्तर प्रदेश विधानसभा में 403 सीटें हैं जिनमें से 86 सीटें आरक्षित हैं – 84 अनुसूचित जाति के लिए और दो अनुसूचित जनजाति के लिए, और मायावती 2022 के चुनाव में इन अहम सीटों को अनदेखा नहीं कर सकती।
एक इंटरव्यू में मायावती ने कहा की: “हमारी पार्टी में जिले से लेकर बूथ स्तर तक की समितियां बनायीं गयी हैं और हमारे लाखों पार्टी कार्यकर्ता मेरे निर्देशों के अनुसार दृढ रूप से काम कर रहे हैं। हम इन समितियों के सदस्यों द्वारा किए गए कार्यों की समीक्षा करते है और उनके काम का मूल्यांकन भी करेंगे।”
Read also: मैं उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव नहीं लड़ूंगा: अखिलेश यादव
इसके साथ उन्होंने कहा: “हमारी विधानसभा ‘अध्यक्ष’, यूपी विधानसभा की सभी 86 आरक्षित सीटों के प्रभारी, लखनऊ में एक महत्वपूर्ण बैठक के लिए बुलाए गए हैं। हम इन आरक्षित सीटों से बूथ स्तरीय समितियों समेत विभिन्न समितियों के सदस्यों के कार्य और प्रगति की पुनर्विलोकन करेंगे। हमारी पार्टी आरक्षित सीटों के लिए एक ठोस रणनीति पर भी चर्चा कर रही है और इन आरक्षित सीटों पर विशेष रूप से ब्राह्मण समुदाय के उच्च जाति के लोगों पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी BSP के राष्ट्रीय महासचिव SC मिश्रा को सौंपी गई है।”
आने वाले चुनाव के लिए बसपा सुप्रीमो द्वारा एक फोल्डर बनाया गया है जिसमे उन्होंने राज्य में बसपा द्वारा किए गए पिछले सालो के विकास कार्यों के विवरण को दिया है और अपनी कुछ विकास नीतियों पर चर्चा भी की है।
Read also: यूपी में भाजपा में शामिल होंगे सपा और बसपा के 10 एमएलसी
“BSP चुपचाप काम करने और कम बोलने में विश्वास रखती है, इसलिए हमारी पार्टी अन्य दलों की तरह कोई घोषणापत्र जारी नहीं करती। बिना घोषणापत्र ही हमने राज्य में चार बार चुनाव जीता है और हमारी सरकार बनी है। हमने अपने विकास कार्यो का एक फोल्डर जारी किया है जो लोगो के लिए उपलब्ध है जिसके माध्यम से लोग सरकार द्वारा किये गए सभी प्रमुख विकास कार्यों के बारे में जान पाएंगे। अगर एक बार फिर बसपा की सरकार बनती है तो हम पहले की तरह राज्य का विकास करेंगे।”, मायावती ने कहा।
Read also: बसपा मुखिया मायावती की माता का निधन, मुख्यमंत्री ने जताया दुख
इसके साथ उन्होंने जोड़ा, “बसपा द्वारा किए गए कार्यों को अन्य दलों द्वारा केवल छोटे-छोटे बदलाव करके गलत तरीके से दिखाया गया है। लेकिन वास्तव में हमारे द्वारा किया गया काम आजादी के बाद किसी भी पार्टी ने नहीं किया है। BSP बोलने में नहीं काम करने में विश्वास रखती है। हमारे द्वारा बनाये गए फोल्डर से लोगो को पता चल पाएगा कि बसपा ने अपने कार्यकाल में क्या किया और यदि हम सत्ता में आते तो क्या-क्या करेंगे।”

