वीवो मोबाइल ने 28 राज्यों में बेच डाले एक ही आईएमईआई के फोन!

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वीवो मोबाइल ने  28 राज्यों में बेच डाले एक ही आईएमईआई  के फोन!

  • एक आईएमईआई नंबर पर एक्टिव थे 13,557 मोबाइल फोन, चीन की कंपनी वीवो के खिलाफ मुकदमा दर्ज
  • ट्राई के नियमों के उल्लंघन पर वीवी इंडिया के नोडल ऑफिसर हरमनजीत सिंह को सीआरपीसी के सेक्शन 91 के तहत नोटिस भेजा

चीन की कंपनी वीवो ने भारत की आंतरिक सुरक्षा से खिलवाड़ की कोशिश की है. उसने भारत में 13557 मोबाइल बेच डाले है जिनका आईएमईआई नंबर एक ही है.मोबाइल कंपनी वीवो के खिलाफ मेरठ में केस दर्ज किया गया है. सूत्रों ने बताया कि अभी जियो कंपनी ने 24 सितंबर 2019 तक का डेटा दिया है. यदि 24 घंटे की रिपोर्ट मिले तो यह संख्या लाखों में हो सकती है. पुलिस अफसर भी इससे इन्कार नहीं कर रहे हैं.अभी और कम्पनयों से भी डाटा लिया जा रहा है।

पुलिस ने डॉक्यूमेंट्स मांगे
केन्द्र शासित प्रदेशों और देश के 28 राज्यों में जगह-जगह एक ही आईएमईआई नंबर पर कई मोबाइल फोन सक्रिय होने के प्रमाण पुलिस जुटा चुकी है.उत्तर प्रदेश में एक ही आईएमईआई नंबर पर सक्रिय मोबाइल फोन की संख्या सबसे ज्यादा है. यूपी में भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश ज्यादा संवेदनशील है.पुलिस ने नेटवर्किंग कंपनियों व मोबाइल निर्माता वीवो को नोटिस जारी कर तमाम दस्तावेज तलब किए हैं.

2019 में पकड़े थे 1 लाख फोन
केन्द्र शासित प्रदेशों और देश के 28 राज्यों में जगह-जगह एक ही आईएमईआई नंबर पर कई मोबाइल फोन सक्रिय होने के प्रमाण 2019 में पुलिस जुटा चुकी है.इनमें भी उत्तरप्रदेश ऐसा राज्य है जहां एक ही आईएमईआई नंबर पर सक्रिय मोबाइल फोन की संख्या सबसे ज्यादा है. यूपी में भी पश्चिमी उत्तरप्रदेश ज्यादा संवेदनशील है. मध्यप्रदेश टॉप-10 से बाहर है. दरअसल, एक ही आईएमईआई नंबर पर देश भर में 1 लाख से ज्यादा मोबाइल सक्रिय होने का बड़ा खुलासा करने के बाद जबलपुर पुलिस इस अपराध की तह तक पहुंचने के प्रयास में जुटी थी. नेटवर्किंग कंपनियों व मोबाइल निर्माता वीवो को नोटिस जारी कर पुलिस ने तमाम दस्तावेज तलब किए गए थे.

कैसे खुला मामला?

मेरठ में तैनात सब इंस्पेक्टर के मोबाइल में खराबी आ गयी थी. वह उसे लेकर मोबाइल कंपनी के सर्विस सेंटर गए. वहां उन्होंने उसे दिखाया और ठीक कराकर वापस ले आए. थोड़ी देर बाद उनका मोबाइल फिर एरर बताने लगा.सब इंस्पेक्टर ने जोन कार्यालय के साइबर सेल को अपना मोबाइल फोन दिखाया. जब साइबर सेल ने उसे चेक किया तब पता चला कि उनके आईएमईआई नंबर के ही 13 हजार से ज्यादा मोबाइल फोन दूसरे स्थानों पर चल रहे हैं.इस मामले के संज्ञान में आने पर एडीजी राजीव सबरवाल ने मेरठ जनपद की साइबर सेल से क्रॉस जांच करायी, उनकी जांच में भी इसकी पुष्टि हो गई. जिसके बाद मेडिकल थाने में केस दर्ज कर जांच शुरू करा दी गई. मामले में मेरठ जोन के एडीजी राजीव सब्बरवाल का कहना है कि केस की गहनता से जांच की जा रही है. उन्होंने कहा, ‘वास्तव में यह कंपनी की तरफ से बड़ी लापरवाही है. जांच के बाद इस तरह की लापरवाह के लिए कंपनी के जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.’

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