किसी को सलमान खान (Salman Khan) जैसी बॉडी चाहिए तो कोई सिक्सपैक एैप की चाहत लिए जिम में जा रहा है। आज के युवा बॉलीवुड से प्रेरित होकर बॉडी बना हरे हैं। हालांकि बॉडिबिलडिंग (Bodybuilding) अब शौक के साथ इनकम का अच्छा जरिया बनती जा रही है, यह कहना है बॉडीबिल्डर वितेंद्र सिंह पवार (Vitendra Singh Pawar) का। शनिवार को वितेंद्र एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मेरठ पहुंचे जहां अपने स्टूडेंट संचित के साथ अन्य युवाओं को बॉडीबिल्डिंग के नए अवसरों के बारे में जानकारी दी।
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मिल रहे हैं नए अवसर
इंडियन बॉडिबिलडिंग लिजेंड वितेन्द्र सिहं ने कहा कि बॉडीबिलडिंग करने से शरीर तो मजबूत बनता है साथ ही बीमारियों से बचाव (protection from diseases) और अब तो इसमें कमाई के भी कई ऑपशंस खुल गए हैं। वितेंद्र ने बताया कि अब तो ऑनलाइन बॉडीबिलडिंग के क्लास होने लगे हैं। लोग घरों पर सेटअप लगाकर फ्रीलांस ट्रेनर को हायर कर रहे हैं। बड़ी-बड़ी कम्प्नीज जिम खोल रही हैं। यह कहना त नहीं होगा कि अब इस फील्ड में युवाओं के लिए बहुत सारे अवसर खुल गए हैं। लेकिन इस क्षेत्र में कदम रखने के लिए गाइडेंस् बहुत अहम है। ट्रनिंग हमेशा एक इंस्ट्रक्टर के अंडर ही करनी चाहिए।
हर उम्र के लोगों के लिए है एक्सरसाइज
वितेंद्र कहते हैं कि एक्सरसाइज (exercise) एक ऐसी क्रिया है जिसे हर उम्र के लोग कर सकते हैं। यहां तक पैदा हुआ बच्चा जब रोता है तो वह भी उसकी एक्सरसाइज है। मैंने आठ दस साल की उम्र से पुशअप लगाना शुरू कर दिए थे। मैं देहरादून में पढ़ाई कर रहा था और वहीं मैंने एक मैगजीन में बॉडीबिलडर की तस्वीर देखी थी। मेरी फीजीक भी अच्छी थी तो मैंने भी इसी फील्ड में जाने का फैसला कर लिया था। मैं सहारनपुर (Saharanpur) के जिस गांव में रहता था वहां तक जिम का कॉन्सेप्ट नहीं था। वहीं के कब्रिस्तान में एक अखाड़ा था जहां मैंने आठ साल प्रैक्टिस की। 1991 में मिस्टर नॉर्थ इंडिया जीता। बॉडीबिलडिंग में इंडिया में मैंने 11 गोल्ड मेडल, 4 सिलवर, ऐशिया में 3 मेडल और कॉमनवेल्थ में एक गोल्ड मेडल लिया है।
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बढ़ी है लड़कियों की भागीदारी
अब तक 300 से ज्यादा मेडल वह अपने नाम कर चुके वितेंद्र कहते हैं कि बॉडीबिलडिंग में अब लड़कियों की भागीदारी बढ़ रही है। इसकी वजह है चार पांच साल पहले वुमन फीजीक कैटेगरी का शुरू होना। पहले बॉडीबिलडिंग में लड़कियां आने से संकोच करती थीं लेकिन इस कैटेगरी के बढ़ जाने के बाद लड़कियां भी इसमें खूब आ रही हैं। यह रैम्प शो की तरह ही होता है बस इसमें लड़कियों की फीजीक अच्छी होती है। जेसीटी फगवाड़ा में 1991 से जॉब कर रहे वितेंद्र कहते हैं कि इस वक्त मेरे 250 स्टूडेंट्स हैं जिन्हें में तैयार कर रहा हूं।

