7 दिनों से पुलिस के साथ विकास खेल रहा था लुकाछिपी का खेल
विकास दुबे का एक और साथी प्रभात मिश्रा मुठभेड़ में ढेर, फरीदाबाद से हुआ था गिरफ्तार
कानपुर में हत्याकांड को अंजाम देने वाला दुर्दांत अपराधी उज्जैन से अरेस्ट हो गया है. लेकिन लोगों के जेहन में सवाल है कि क्या उसका नेक्सेस टूट पाएगा. टिवट् र पर विकास दुबे ट्रेंड कर रहा है. यूजर्स ट्वीट कर अपना गुस्सा पुलिस के प्रति जाहिर कर रहे हैं. दरअसल, इस मामले में पुलिस की मिलीभगत सामने आई थी. पुलिस के हर मूवमेंट की जानकारी विकास को मिल जाती थी. उधर, उसके एक और करीबी साथी प्रभात मिश्रा उर्फ कार्तिकेय को एसटीएफ ने पनकी थाना क्षेत्र में हुए मुठभेड़ में मार गिराया. प्रभात मिश्रा विकरू गांव में पुलिस टीम पर गोलियां बरसाने में शामिल था.
पुलिस की गाड़ी हुई पंक्चर
प्रभात मिश्रा को बुधवार को ही फरीदाबाद पुलिस ने गिरफ्तार किया था. उसके बाद उसे कोर्ट पेश कर के यूपी एसटीएफ को ट्रांजिट रिमांड पर लिया था. यूपी एसटीएफ उसे रिमांड पर कानपुर ला रही थी. पनकी थाना क्षेत्र में गाड़ी खराब हो गई. इस बीच प्रभात ने यूपी एसटीएफ के एक दरोगा की पिस्टल छीनकर भागने लगा. जब पुलिस ने उसे रोका तो फायरिंग शुरू कर दी. जिसके बाद हुई जवाबी फायरिंग में प्रभात मिश्रा मारा गया.हमीरपुर एनकाउंटर में मारे गए विकास दुबे के राइट हैंड अमर दुबे के बाद प्रभात ही उसका सबसे करीबी था. फरीदाबाद पुलिस ने उसके पास से पुलिस से लूटी गई चार पिस्टल और 44 कारतूस भी बरामद की थी.

