पापा हम यूक्रेन में सुरक्षित तो हैं पर आसमान से बरस रही है मौत, हॉस्टल के बाहर बार बार सुनाई दे रहे हैं धमाके: यूक्रेन से आया वीडियो

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पापा हम यूक्रेन में सुरक्षित तो हैं पर आसमान से बरस रही है मौत, हॉस्टल के बाहर बार बार सुनाई दे रहे हैं धमाके: यूक्रेन से आया वीडियो

एटा। Ukraine-Russia War| वो गई तो थी जिंदगी बचाने का हुनर सीखने के लिए लेकिन अब उसकी जान पर बन आई है,गरिमा की आंखों में वहां की दहशत के चलते रूंधी आंखों में आंसू आ गए और दबी जुबान से सूखते हुए गले और दबी जुबान में बोली बाकी हम यहां इतने भी सुरक्षित नहीं है?,कि हम चैन से भी बैठ सके थोड़े टाइम तक? कभी भी बम ब्लास्ट हो जाता, हम लोगों को आवाज सुनाई पड़ती है कि अचानक बम ब्लास्ट हो रहे है, यहां आसमान में मंडराते विमान, सायरन बजाती सेना की गाड़ियों के बीच बार-बार होते विस्फोट। यूक्रेन (Ukraine) के शहर हार्लिवस्का के एक हास्टल में बंद यूपी के एटा जिले (Etah district) की भारतीय छात्र धमाकों की दहशत में जी रहे हैं। इन्हीं छात्रों के बीच हैं मारहरा नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) की बेटी गरिमा। वो गई तो थी जिंदगी बचाने का हुनर सीखने थी, लेकिन अब उसकी जान पर बन आई है।

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यूक्रेन में हॉस्टल के बेसमेंट में ख़ौफ के साए में छुपी गरिमा मिश्रा से सुनिए यूक्रेन में आसमान से गिर रहे बम से फैली दहशत उसी की जुबानी कहा:-
यूक्रेन में पढ़ाई करने गई बेटी की मिसाइलों से हो रहे धमाकों के फैले दहशत के बीच यूपी के एटा जिले की बेटी ने यूक्रेन से भेजी गई वीडियो में वहां आसमान से बरस रहे बम से फैली दहशत ओर खौफनाक मंजर की दबी जुबान से यूक्रेन के हालातों की हकीकत बयां की गई हैं।

कहा इस वक्त में यूक्रेन हूं ओर यहां की स्थिति बेहद ही खराब चल रही है क्योंकि कभी यहां आसमान से बम ब्लास्ट हो जाता हैं आसपास के क्षेत्र में, और कभी भी पुलिस का सायरन बज जाता है, सायरन बजते ही हमको बेसमेंट में जाने के लिए बोल दिया जाता है, क्योंकि हम लोग हॉस्टल में ही रह रहे हैं और बेसमेंट हमारे लिए सबसे सुरक्षित जगह है, वहां बेसमेंट में हमें भेजा जाता है, यहां लाइट कट हो जाती है, इंटरनेट में प्रॉब्लम होती हैं, लाइट कट और इंटरनेट प्रॉब्लम के वजह से हम लोग अपने अपने फोन को चार्ज और रिचार्ज करा कर रखते हैं, जिससे कि हम अपने परिवार वालों से बात कर उन्हें बता सकें कि हम लोग यहां सेफ है, कहते कहते गरिमा की आंखों में वहां की दहशत के चलते रूंधी आंखों में आंसू आ गए और दबी जुबान से सूखते हुए गले और दबी जुबान में बोली बाकी लेकिन हम यहां इतने भी सुरक्षित नहीं है,कि हम चैन से भी बैठ सके थोड़े टाइम तक, क्योंकि यहां कभी भी बम ब्लास्ट हो जाता, क्योंकि कभी भी हम लोगों को आवाज सुनाई पड़ती है कि अचानक से बम ब्लास्ट हो रहा है, सरकार से यही गुहार है कि हम लोगों को यहां से जल्द से जल्द किसी भी माध्यम से उन्हें वहां से निकाला जाएं,ओर जल्द से जल्द हो ये सब, क्योंकि हम लोग यहां बहुत ज्यादा फंसे हुए हैं,क्योंकि जैसे मैने पहले भी बताया की यहां बम ब्लास्ट बहुत ज्यादा हो रहे हैं, आसपास के एरिया में, क्योंकि वह जिस जगह रह रहे हैं उसके बहुत पास ही बम ब्लास्ट हो रहे हैं, हम सभी लोग हो रहे बम ब्लास्ट से बहुत डरे हुए और घबराए हुए हैं, क्योंकि हम अपने घर से बहुत दूर ईओ कैलाशनाथ मिश्रा की बेटी गरिमा मिश्रा यूक्रेन में फंस गई है। परिवार ने प्रधानमंत्री से सुरक्षित वापसी की गुहार लगाई है। गरिमा यूक्रेन की केवाईआइवी मेडिकल यूनीवर्सिटी आफ यूएएफएम में एमबीबीएस आठवें सेमेस्टर की छात्रा हैं। वह हार्लिवस्का शहर के केएमयू हास्टल स्ट्रीट 124, केवाईआइवी में रह रहीं हैं। गरिमा ने परिवार को बताया, हार्लिवस्का शहर में आवागमन पूरी तरह बंद है। खाने-पीने की अभी तक तो कोई समस्या नहीं है। रूस अभी यूक्रेन के डिफेंस सिस्टम को ही टारगेट कर रहा है।

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