लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के टेंडरों में अब किसी भी तरह की गड़बड़ी व मानवीय हस्तक्षेप की कोई संभावना नहीं होगी। इसके लिए प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अक्षय त्रिपाठी ने ‘ऑनलाइन टेक्निकल इवेल्युएशन’ सॉफ्टवेयर तैयार कराया है। अब इसी सॉफ्टवेयर के जरिए सभी तरह के अभियंत्रण कार्यों की निविदा का ऑनलाइन तकनीकी मूल्यांकन कराया जाएगा।
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यूपीडेसको (उत्तर प्रदेश डेवेलपमेंट सिस्टम कॉरपोरेशन) के अधिकारियों ने गुरुवार को प्राधिकरण भवन स्थित सभागार में एलडीए उपाध्यक्ष अक्षय त्रिपाठी व सचिव पवन कुमार गंगवार के समक्ष इस सॉफ्टवेयर का प्रेजेन्टेशन दिया। मुख्य अभियंता इन्दुशेखर सिंह ने बताया कि अब तक सिर्फ लोक निर्माण विभाग द्वारा ही टेंडरों के ऑनलाइन टेक्निकल इवेल्युएशन का कार्य कराया जाता है। पीडब्ल्यूडी के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण दूसरा ऐसा विभाग है, जो इस तरह की पारदर्शी व त्रुटिहीन प्रक्रिया को अपनाने जा रहा है। उपाध्यक्ष अक्षय त्रिपाठी ने बताया कि एलडीए द्वारा तैयार कराया गया यह सॉफ्टवेयर वृहद स्तर पर सभी तरह के अभियंत्रण कार्यों पर लागू होगा। आचार संहिता समाप्त होने के बाद टेंडर के कार्य इसी के माध्यम से होंगे। बैठक के दौरान उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि 16 अप्रैल से पहले हर प्रकार के कार्यों का एक-एक डमी टेंडर इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से कराके परीक्षण कर लिया जाए।
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इसके अलावा अभियंत्रण विभाग के एक ऐसे कर्मचारी को मास्टर ट्रेनर के रूप में नियुक्त किया जाए, जोकि कंप्यूटर कार्यों व टेंडर प्रक्रिया में निपुण हो। उन्होंने निर्देशित किया कि ठेकेदारों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को भी इस सॉफ्टवेयर में जोड़ा जाए और उनसे सम्बंधित अभिलेखों को इसमें अपलोड किया जाए। इस मौके पर विहित प्राधिकारी देवांश त्रिवेदी, प्रोग्रामर एनालिस्ट राघवेन्द्र मिश्रा, अधिशासी अभियंता अवनीन्द्र सिंह, केके बंसला, प्रताप शंकर मिश्रा और कमलजीत सिंह समेत सभी सहायक अभियंता और अवर अभियंता उपस्थित रहे।

