Uttarakhand Weather: तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि, दोपहर बाद बदला मौसम

उत्तराखंडUttarakhand Weather: तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि, दोपहर बाद बदला मौसम

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देहरादून। उत्तराखंड में आज रविवार को दोपहर बाद मौसम बदल गया। टिहरी जिले के प्रताप नगर और भिलंगना ब्लाक क्षेत्र में जमकर बारिश हुई है। वहीं, ऊपली रमोली के ओनालगांव में ओलावृष्टि हो रही है। ओलावृष्टि होने से नाशपाती, सेब, आडू, खुमानी और अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा है। रमोली क्षेत्र के ओनालगांव में ओलावृष्टि हुई है।

बागेश्वर में हिमालयी क्षेत्र से सटे चिल्ठा, फुर्किया और जांतोली की ऊंची पहाड़ियों पर हिमपात होने लगा है। शाम करीब पांच बजे के बाद कांडा तहसील मुख्यालय के साथ कई इलाकों में काफी देर तक ओलावृष्टि हुई है। पूरा इलाका ओलों की चादर से पट गया है।

पश्चिमी विक्षोभ की कमजोरी से 63 फीसदी बारिश कम

पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर रहने से उत्तराखंड में इस साल शीतकाल में महज 37.6 मिमी बारिश ही हुई है। यह बारिश सामान्य से 63 प्रतिशत कम है। पिछले साल की तुलना में इस साल बर्फबारी भी बेहद कम हुई है। इसके चलते जल स्रोतों में पानी का स्तर घटने लगा है। मौसम में आ रहे इस बदलाव का कारण वैश्विक तापमान में बढ़ोतरी माना जा रहा है।

मौसम वैज्ञानिक के अनुसार बारिश पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता पर निर्भर रहती है। वर्ष भर में होने वाली सौ प्रतिशत बारिश में से 80 प्रतिशत बारिश मानसून काल में जून से सितंबर तक होती है जबकि शेष 20 प्रतिशत बारिश अन्य महीनों में होती है। इस साल शीतकाल में हिमालयी क्षेत्र से सटे कुछ क्षेत्रों को छोड़कर प्रदेश में नवंबर से अब तक बारिश नहीं होने के कारण सूखे जैसे हालात बने हुए हैं।

बारिश के साथ कम हुई बर्फबारी

शीतकाल में 102 मिमी बारिश को सामान्य माना जाता है जबकि इस साल महज 37.6 मिलीमीटर बारिश ही हुई है। यह सामान्य से 63 प्रतिशत कम है। यही स्थिति बर्फबारी की भी है। पिछले साल की तुलना में इस साल बेहद कम बर्फबारी हुई है।

हिमनगरी के नाम से प्रसिद्ध मुनस्यारी में 2022 में एक फीट बर्फबारी हुई थी। इसी साल ऊंचाई वाले इलाकों में चार इंच बर्फ गिरी। बारिश नहीं होने से असिंचित क्षेत्र की खेती सूखने की कगार पर है। कम बारिश से स्रोतों में पानी कम होने लगा है। बर्फबारी कम होने से अस्थायी ग्लेशियर नहीं बन रहे हैं।

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