विदेशी वैक्सीन खरीदने के लिए निकला ग्लोबल टेंडर
देहरादून। उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण को रोकने के तमाम प्रयास नाकाम हो रहे हैं। वहीं कोरोना से होेने वाली मौतों के आंकड़े भी कम होने का नाम नहीं ले रहे। कोरोना से बचाव ही इसका सबसे बेहतर उपचार है और कोरोना से बचाव के लिये कोरोना वैक्सीन लगवाना आवश्यक है। मगर उत्तराखंड में कोरोना वैक्सीन की भारी किल्लत है। प्रदेश में आवश्यकता के अनुसार वैक्सीन उपलब्ध न होने के कारण 18-44 आयु वर्ग के लिये शुरू किया गया वैक्सीनेशन अभियान भी प्रभावित हुआ है। ऐसे में उत्तराखंड सरकार ने विदेशों से कोरोना वैक्सीन खरीदने का निर्णय लिया है। शनिवार को विदेशी वैक्सीन खरीदने के लिये ग्लोबल टेंडर भी निकाल दिया गया है।
कोरोना वैक्सीन की कमी को दूर करने के लिए उत्तराखंड सरकार ने दो महीनों में बीस लाख विदेशी वैक्सीन खरीदने का निर्णय लिया है। दरअसल स्वदेशी कोविशिल्ड और कोवैक्सीन के टीके की देश में भारी मांग होने की वजह से दोनों ही टीकों को बना रही कंपनियां टीकों की पर्याप्त आपूर्ति नहीं कर पा रही है। इससे उत्तराखंड में वैक्सीनेशन अभियान प्रभावित हो रहा है। ऐसे में राज्य के लोगों को कोरोना से सुरक्षित रखने के लिये उत्तराखंड सरकार विदेशी वैक्सीन के जरिये राज्य के अधिक से अधिक लोगों टीकाकरण करना चाहती है।
स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी के आदेश के बाद शनिवार को महानिदेशालय द्वारा पहले चरण में 20 लाख वैक्सीन खरीदने के लिए टेंडर निकाला गया है। टेंडर में भाग लेने के लिए 24 मई तक का समय बोली दाताओं को दिया गया है। स्वास्थ्य महानिदेशक डाॅ तृप्ति बहुगुणा ने बताया कि 20 लाख विदेशी वैक्सीन के लिए ग्लोबल टेंडर किया गया है। 24 मई तक कंपनियों को टीके के दाम बताने के लिये कहा गया है। जिस कंपनी की वैक्सीन की कीमत सबसे कम होगी उसे ही टेंडर दिया जाएगा।

