देहरादून। उत्तराखंड में एक चुनावी सभा में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Chief Minister Pushkar Singh Dhami) को फ्लॉवर कहकर संबोधित किया था। जिसमें उन्होंने कहा था कि इस युवा को विपक्षी फ्लॉवर सीएम कहते हैंं। उन्होंने कहा कि ये फ्लावर ही नहीं फायर भी है। रक्षामंत्री ने कहा था कि ये पुष्कर न कभी झुकेगा और न कभी रूकेगा। ये हमेशा ताजे फूल की तरह अपनी महक उत्तरांचल में फैलाएगा और पहाड के दिन पर राज करेगा। मुख्यमंत्री रहते पुष्कर सिंह धामी भले ही चुनाव हार गए हो। लेकिन वे हारकर भी मोदी और शाह के दिल में अपनी जगह बनाने में सफल रहे। जिसका नतीजा ये हुआ कि हारने के बाद भी उनको ही मुख्यमंत्री के रुप में चुना गया। यह देश के इतिहास में पहली बार है जबकि कोई मुख्यमंत्री विधानसभा चुनाव हारा हो और उसको फिर से प्रदेश की कमान दे दी गई हो। धामी के अलावा मुख्यमंत्री पद के लिए कड़े मुकाबले में भाजपा के बड़े से बड़े दिग्गज शामिल थे। लेकिन धामी ने सभी को चित कर दिया।
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उत्तराखंड विधानसभा चुनाव (Uttarakhand assembly elections) के परिणाम आने के बाद जब मुख्यमंत्री धामी चुनाव हारे तो यह कयास लगाए जाने लगे कि वो अब मुख्यमंत्री पद की दौड़ से बाहर हो गए हैं। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। चुनाव हारने के बाद धामी ने खुद ही अपनी मुख्यमंत्री बनने की पैरवी करनी बंद कर दी थी। लेकिन उनके गुरु कोश्यारी के अलावा उत्तराखंड के अन्य दिग्गज भाजपाई धामी को ही मुख्यमंत्री पद पर देखना चाहते थे। इसी के चलते धामी को कई बार दिल्ली तलब किया गया तो भी उन्होंने पूरा फैसला शीर्ष नेतृत्व के ऊपर छोड़ दिया। हालांकि इस बीच मुख्यमंत्री पद के लिए उछले दूसरे नामों पर भी शीर्ष नेतृत्व विचार करने लगा। लेकिन एक दो नाम पर विचार के बाद लाबिंग बढ़ती गई। लेकिन चुनाव परिणाम के बाद शुरू हुई मुख्यमंत्री की दौड़ आखिरकार पुष्कर सिंह धामी के नाम खत्म हुई। विधानसभा चुनाव भले ही हार गए लेकिन मुख्यमंत्री पद की दौड़ के कड़े मुकाबले में पुष्कर सिंह धामी ने बड़े-बड़े दिग्गज को चित कर मोदी-शाह की आंखों का तारा बनने में कामयाबी पाई

