देहरादून। विधानसभा हार के बाद टूट की कगार पर खड़ी उत्तराखंड कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष करण महारा के तेवरों पर तल्खी देखी जा रही है। अपनी ताजपोशी के बाद पहली बार प्रेस को संबोधित करते हुए उन्होंने साफ किया कि इस बार संगठन में बहुत बदलाव देखने को मिलेगा।
करन महारा ने कहा कि इस बार वे जम्बो कार्यकारणी ओर गणेशतंत्र से परहेज रखने वाले है। उन्होंने साफ किया कि वे इस बार जंबो कार्यकारिणी बनाने नहीं जा रहे हैं जिसमे 100 महासचिव और 200 उपाध्यक्ष देखे जाते रहे है। उन्होंने कहा कि इस बार छोटी लेकिन प्रभावशाली कार्यकारणी देखने को मिलेगी।
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इसके लिए वे पूरे प्रदेश का भ्रमण करेंगे और भ्रमण करने के बाद भी जिस व्यक्ति में जो पोटेंशियल होगा उसी हिसाब से उसको जिम्मेदारी दी जाएगी। अभी तक कि कांग्रेस कार्यकारिणी में अभी तक कुछ नामों के रिपीटेशन के सवाल पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर गणेश तंत्र पद्धति को समाप्त किया जाएगा।
गणेश तंत्र पद्धति को लेकर उन्होंने कहा कि इस पद्धति में केवल पार्टी आलाकमान के यहां चक्कर काटने वाले लोगों को ही पार्टी में पद दिया जाता था। अब ऐसा नही होगा जो व्यक्ति जिस पद के लिए डिजर्व करेगा उसे वही पद दिया जाएगा।
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नाराज विधायकों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि कोई भी इस तरह की मीटिंग होने नहीं जा रही है और ना ही विधायकों के अंदर नाराजगी है। हरीश धामी के बगावती तेवरों पर बोलते हुए करण ने कहा कि जो विधायक जीत कर आया है उसे जनता ने उस विधायक को और उस पार्टी को जिससे वह चुनाव लड़ा है मैंडेट दिया है।
अगर वह पार्टी छोड़कर दूसरे पार्टी में जाता है तो वह उस मेंडेट और जनता का अपमान है। साथ ही उन्होंने कहा कि जीत कर आने वाले विधायक हैं वह विधायक हैं कोई खुदा नहीं

