देहरादून। प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में कई अजीबो गरीब किस्से देखने को मिले। निर्वाचन आयोग द्वारा लिए गए शपथ पत्रों में प्रत्याशियों ने जो अपनी उम्र का ब्यौरा दिया है। वह हैरान करने वाला है। मजेदार बात ये कि जिन प्रत्याशी की उम्र 2017 के विधानसभा चुनाव में 50 वर्ष थी। इन पांच वर्ष में वो मात्र तीन साल ही बढ़ पाए। यानी इन पांच साल में वे 53 साल के ही हुए हैं। रामनगर विधानसभा सीट (Ramnagar assembly seat) से कांग्रेसी प्रत्याशी रणजीत रावत की बात करें तो इन्होंने साल 2012 में विधानसभा चुनाव के दौरान अपनी उम्र 51 वर्ष बताई थी। इस बार उन्होंने अपनी उम्र 57 वर्ष बताई है। यानी इन दस वर्षों में उनकी उम्र शपथ पत्र के अनुसार एक साल ज्यादा बढ़ गई। वहीं जागेश्वर विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी गोविंद सिंह कुंजवाल की उम्र तो मात्र चार साल बढ़ी है। कांग्रेस उम्मीदवार मदन सिंह बिष्ट की आयु भी इन पांच साल में मात्र तीन साल बढ़ी है।
Read also: विधानसभा चुनाव परिणामों से पहले, कू ने गलत सूचनाओं को प्रतिबंधित करने के लिए एडवाइजरी जारी की
घनसाली विधानसभा सीट (Ghansali assembly seat) से चुनाव लड़ रहे भीमलाल आर्य की आयु 2017 के चुनाव में 30 साल थी लेकिन इस बार यानी 2022 में इनकी उम्र मात्र 33 साल ही हो पाई है। यानी ये पांच साल में मात्र तीन साल ही बढ़े पाए हैं। भीमलाल आर्य कांग्रेस पार्टी से चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं कांग्रेस के दिग्गज नेता यशपाल आर्य की उम्र पिछले चुनाव में 60 साल थी,अब पिछले पांच साल में उनकी उम्र 67 हो चुकी है। उम्र के लिए लगाए जाने वाले प्रमाणपत्र हालांकि अभी किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं खड़ी करते। लेकिन जब प्रत्याशी चुनाव जीत जाते हैं तो इसी को विरोधी उम्मीदवार तूल देते हैं और निर्वाचन आयोग में इसकी शिकायत करते हैं।

