प्रयागराज। उमेश पाल अपहरण मामले में आज प्रयागराज की एमपी-एमएलए कोर्ट फैसला सुनाएगी। सुबह 10.30 बजे माफिया अतीक अहमद और अशरफ कोर्ट में पेश होंगे। मामले में अतीक, अशरफ सहित कुल 11 लोगों को आरोपी बनाया गया था।
जिस दिन उमेश पाल की हत्या हुई, इसी केस के सिलसिले में वह कोर्ट से ही लौटे थे।
कोर्ट ने तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए ट्रायल कोर्ट को दो महीने में सुनवाई पूरी करने का आदेश दिया था। उसके बाद से उमेश पाल अपहरण कांड में रोजाना सुनवाई होने लगी। 24 फरवरी को जिस दिन उमेश पाल की हत्या हुई, इसी केस के सिलसिले में वह कोर्ट से ही लौटे थे। उस दिन बचाव पक्ष की ओर से बहस हो रही थी।
इसके बाद अभियोजन की ओर से कुल आठ गवाह पेश किए गए। जिसमें खुद उमेश पाल और उसके एक रिश्तेदार के अलावा दो जांच अधिकारियों के साथ छह पुलिस कर्मी शामिल थे। पक्षकारों की तरफ से (अतीक अहमद अशरफ सहित अन्य आरोपियों) अपने बचाव के लिए कुल 54 गवाह पेश किए गए। केस की सुनवाई में देरी होने पर वादी उमेश पाल ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर केस की सुनवाई जल्दी पूरी करने की मांग की।
कोर्ट ने 2009 में आरोप तय किए
धूमनगंज पुलिस ने उमेश पाल की तहरीर पर सेवन सीएल अमेंडमेंट एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान अतीक अहमद के अलावा अन्य नाम भी सामने आए थे। पुलिस की रिपोर्ट दाखिल होने के बाद कोर्ट ने 2009 में आरोप तय कर दिए थे।
कोर्ट में पेश होंगे अतीक और अशरफ
आरोपी अंसार बाबा की पहले ही मौत हो चुकी है। कोर्ट के आदेश पर बाकी सभी आरोपियों को कोर्ट के समक्ष पेश किया जाएगा। इसके लिए जिला कचहरी परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।
मामले में उमेश पाल ने पांच जुलाई 2007 को धूमनगंज थाने में उस समय सांसद रहे अतीक अहमद, उसके भाई खालिद अजीम उर्फ अशरफ, दिनेश पासी, खान सौकत हनीफ, अंसार बाबा के खिलाफ अपहरण कर विधायक राजू पाल हत्याकांड मामले में अपने पक्ष में बयान करने का आरोप लगाया था।

