Civic Body Elections: OBC आरक्षण पर यूपी सरकार बहा रही है घड़ियाली आंसू, अखिलेश-माया का प्रहार

उत्तर प्रदेशCivic Body Elections: OBC आरक्षण पर यूपी सरकार बहा रही है घड़ियाली...

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निकाय चुनाव पर हाईकोर्ट का फैसला आने पर उत्तर प्रदेश में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. कोर्ट ने चुनावी नोटिफिकेशन को रद्द कर दिया, कोर्ट का मानना है कि निकाय चुनाव के लिए जो आरक्षण प्रक्रिया अपनाई गई थी वो सही नही थी इसलिए इस बार बिना OBC आरक्षण के चुनाव संपन्न कराये जांय। अदालत का फैसला आने के बाद सपा और बसपा ने भाजपा सरकार पर हमला बोल दिया है. अखिलेश यादव ने भाजपा को जहाँ आरक्षण विरोधी और घड़ियाली आंसू बहाने वाला बताया है वहीँ बसपा सुप्रीम मायावती ने कहा कि भाजपा की सोच आरक्षण विरोधी है.

दलितों का आरक्षण भी चीन लेगी भाजपा सरकार

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने फैसले के बाद ट्वीट करते हुए लिखा कि भाजपा निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण के विषय पर घड़ियाली सहानुभूति दिखा रही है, भाजपा ने पिछड़ों के आरक्षण का हक़ छीना है आगे बाबा साहब द्वारा दिए गये दलितों का आरक्षण को भी छीन लेगी. अखिलेश ने आरक्षण को बचाने की लड़ाई में पिछडों व दलितों से अपील की है कि वह इस लड़ाई में समाजवादी पार्टी का साथ दें. वहीँ सपा के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश पर साज़िश का आरोप लगाते हुए कहा कि इस सरकार ने 60 फीसदी आबादी को आरक्षण से वंचित किया है. रामगोपाल ने कहा कि ऐसा लगता है कि यूपी के सारे OBC मंत्री बंधुआ मजदूर बन गए हैं. उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य की स्थिति भी बंधुआ मजदूर जैसी है. सपा नेता ने कहा कि भाजपा ने पिछड़ों से वोट लेकर उन्हें धोखा दिया है.

भाजपा को इस गलती की सजा ज़रूर मिलेगी

वहीँ बसपा प्रमुख मायावती ने अपने ट्वीट में लिखा है कि निकाय चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग को संवैधानिक अधिकार के तहत मिलने वाले आरक्षण को लेकर सरकार की कारगुजारी का संज्ञान लेने सम्बंधी हाईकोर्ट का फैसला दरअसल भाजपा व उनकी सरकार की ओबीसी एवं आरक्षण-विरोधी सोच व मानसिकता को दिखाता है। इस गलती की सजा ओबीसी समाज भाजपा को जरूर देगा। बता दें कि हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने नगर विकास विभाग की चुनाव संबंधी अधिसूचना रद्द कर दिया, बेंच ने कहा कि सही तरीके से संवैधानिक आरक्षण दिया जाए कहा.

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