कानपुर हिंसा मामले में यूपी STF ने मुख्य आरोपी हयात जफर हाशमी को लखनऊ के हजरतगंज इलाक़े से गिरफ्तार कर लिया है. वहीँ इस मामले में अबतक 36 लोगों की पहचान हो चुकी है और 24 आरोपियों की गिरफ़्तारी हो चुकी है. बताया जा रहा है इस साम्प्र्दायिक हिंसा के पीछे हयात ज़फर हाश्मी मास्टर माइंड है जो घटना के बाद से फरार हो गया था.
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पुलिस कमिश्नर के मुताबिक ख़ुफ़िया तंत्र से जब यह जानकारी मिली कि मुख्या आरोप लखनऊ के हज़रत इलाक़े में एक यू ट्यूब चैनल के ऑफिस में छिपा हुआ तब यूपी STF की मदद से वहां छुपे हुए हयात जफर हाशमी के अलावा तीन और लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया. इन सभी लोगों के मोबाइल फ़ोन ज़ब्त कर उन्हें जांच के लिए भेज दिया गया है, इसके अलावा इन सभी बैंक अकाउंट की भी जानकारी ली जा रही है ताकि अवैध तरीके से पैसे के किसी लेने दें की जानकारी हासिल की जा सके.
पुलिस कमिश्नर के मुताबिक इन सभी के खिलाफ NSA और गुंडा एक्ट लगाकर इनकी संपत्ति भी ज़ब्त की जाएगी। इन सभी को कोर्ट में पेशकर पुलिस 14 दिन की रिमांड में लेने की कोशिश करेगी ताकि विस्तार से इस घटना में और कौन कौन शामिल हैं इसकी जानकारी हासिल की जा सके. बताया जा रहा है कि CAA-NRC के आंदोलन के समय भी हयात जफर हाशमी काफी एक्टिव था और उकसावे वाले बयान दिया करता था. इस मामले में उसपर पहले से एक केस दर्ज है.
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बता दें कि कल जुमे की नमाज़ के बाद शहर के यतीमखाना इलाके में पुलिस चौकी के पास अचानक हिंसा भड़क उठी और पथराव होने लगा. मामला भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा के मोहम्मद साहब पर दिए गए एक अपमानजनक टिप्पणी था जिसको लेकर मुस्लिम समुदाय काफी नाराज़ है. नूपुर की गिरफ़्तारी की मांग को लेकर ही कल मौलाना मुहम्मद जौहर अली फैन्स एसोसिएशन की ओर से बाज़ार बंद का एलान किया गया था और दुकाने बंद कराने को लेकर ही दुसरे पक्ष से तकरार के बाद मामले ने साम्प्रदायिक हिंसा का रूप ले लिया था. बता दें कि मौलाना मुहम्मद जौहर अली फैन्स एसोसिएशन नाम की NGO का संचालक हयात जफर हाशमी ही है.

