लखनऊ: महापौर संयुक्ता भाटिया ने शहर में बढ़ते आवारा कुत्तों की समस्या के निस्तारण एवं समीक्षा हेतु नगर निगम मुख्यालय में बैठक बुलाई और नगर आयुक्त की उपस्थिति में अग्रिम कार्यवाही हेतु निर्देश दिए। समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरविंद राव द्वारा बताया गया कि वर्तमान समय एक विश्वस्तरीय एनजीओ की सहायता से 80-85 आवारा कुत्तों का बधियाकरण किया जा रहा है, जिन्हें तीन दिन तक आइसोलेशन में रखना पड़ता है, उसके बाद उन्हें छोडना पड़ता है।
जिसपर महापौर ने एक नया स्वान संरक्षण केंद्र खोलने के साथ ही जरहरा और शूटिंग रेंज के पास सड़क पर रहने वाले आवारा कुत्तों के बधियाकरण की संख्या को प्रतिदिन 300 करने के निर्देश देते हुए संसाधन बढ़ाने के लिए कहा गया।
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश को चुनौती देगा लखनऊ नगर निगम
डॉ. अरविंद राव ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार हम आवारा कुत्तों को पकड़कर नही रख सकते, हम सभी उनका बधियाकरण कर के उन्हें उसी जगह छोड़ते है। इस आदेश के कारण नगर निगम चाह कर भी कुछ नही कर सकता है, जिसपर महापौर ने नगर आयुक्त को सुप्रीम कोर्ट में रिट फाइल (याचिका दायर) करने के निर्देश दिए।
महापौर ने कहा कि रिट फाइल करते समय आवारा कुत्तों के कारण जनता को हो रही परेशानी से कोर्ट को अवगत कराये, इन आवारा कुत्तों के कारण ही इंसानों की जान गई, किसी का फ्रैक्चर हुआ तो कोई चोटिल हुआ, कोर्ट में सभी पक्ष रखे जाए। महापौर के आदेश पर नगर आयुक्त ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को समस्त तैयारी कर रिट दायर करने हेतु वकील का चयन एवं कागजी कार्यवाही पूर्ण करने के लिए निर्देशित किया।
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आवारा पशुओं की समस्या के निवारण के लिए एनजीओ भी आमंत्रित : महापौर
महापौर ने आवारा कुत्तों की समस्या के निस्तारण के लिए विभिन्न एनजीओज़ को साथ लाने के लिए भी निर्देशित किया। महापौर ने बताया कि शहर में कई एनजीओज़ काम कर रहे है जो इन सड़क पर रहने वाले आवारा कुत्तों को प्रतिदिन भोजन और पानी उपलब्ध करा रहे है, उनका पालन पोषण कर रहे हैं। इसी के साथ कई एनजीओज़ इन कुत्तों का अपने संसाधनों से बधियाकरण कराने का भी कार्य कर रहे है।
ऐसे एनजीओज़ को साथ लाने का कार्य करना चाहिए जो अपने संसाधनों से इन कुत्तों की देखभाल करें जिससे कुत्तों का अग्रेशन लेवल कम हो सके। साथ ही ऐसे एनजीओज़ को इनवाइट करे जो अपने संसाधनों का उपयोग कर इस जनहित के कार्य में सहयता प्रदान कर सके।

