मेरठ। मीट माफिया और फरार पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी और उनके परिवार की पुलिस हवा तक नहीं छू पाई है। वहीं याकूब के समर्थक और जानकार अब ये कहने लगे हैं कि उसको पकड़ना मुमकिन ही नहीं नामुमकिन है। वहीं कोतवाली थाने में अब पुलिस ने याकूब कुरैंशी और उसके परिवार के खिलाफ तस्करा डाल दिया है। यह भी कहा जा रहा है कि मीट माफिया याकूब कुरैशी और दोनों बेटों इमरान और फिरोज का इतना खौफ है कि लोग उनके बारे में किसी प्रकार से मुंह नहीं खोल रहे हैं। पुलिस ने कई बार कोशिश की है कि कहीं से कोई सुराग मिले लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ है कि किसी से याकूब के बारे में कोई जानकारी मिल सके।
Also read: पूर्वमंत्री याकूब कुरैशी पर गैंगस्टर एक्ट की तैयारी में पुलिस जुटा रही सबूत
इसी के साथ यदि आज याकूब और उसके दोनों बेटों को जमानत मिल गई तो तीनों माहौल में खौफ पैदा करेंगे। सीओ कोतवाली सीओ अरविंद चौरसिया ने पुलिस टीम के साथ गाजियाबाद के साहिबाबाद स्थित गांव पसोड़ा में हाजी इसरार के घर दबिश डाली। बताया जाता है कि यहां पर याकूब कुरैशी के बेटे फिरोज की ससुराल है। यह जानकारी मिली थी कि मेरठ से फरार होने के बाद फिरोज कुछ दिनों तक अपनी ससुराल में रहा है। पुलिस की दबिश से पहले ही याकूब कुरैशी और उसका परिवार बेटे फिरोज की ससुराल से फरार हो गया।
अधिवक्ता अनिल बख्शी ने का कहना है कि पुलिस ने पूरे मुकदमे को मजाक बना दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस को याकूब कुरैशी और उसके परिवार पर फूड सेफ्टी एक्ट के तहत कार्रवाई करनी चाहिए। जिससे उम्रकैद की सजा हो सकें। एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि अधिवक्ता ने यह बयान आरोपी को लाभ पहुंचाने के लिए दिया है।
Also read: पूर्वमंत्री याकूब कुरैशी और उसके परिवार पर इनाम की तैयारी
बता दें कि अधिवक्ता अनिल बख्शी ही याकूब कुरैशी और उसके परिवार का केस देख रहे हैं। बता दें कि गत 31 मार्च को पुलिस प्रशासन की टीम ने हापुड रोड स्थित मीट फैक्ट्री में छापा मारकर पांच करोड़ रुपये का अवैध मीट पकड़ा था। पुलिस ने इस मामले में मीट माफिया याकूब कुरैशी, उनकी पत्नी संजिदा, बेटा फिरोज और इमरान सहित 17 को आरोपी बनाया था। उसके बाद से ही याकूब कुरैशी, इमरान और फिरोज फरार हैं। आज अग्रिम जमानत मामले में सुनवाई होनी है।

