गाजियाबाद। जिले में लोगों को कोरोना की तीसरी लहर (Third wave of corona) से तो राहत मिल गई।लेकिन अब जिले में डेंगू ने भी दस्तक दे दी है और राकेश मार्ग पर रहने वाला एक किशोर डेंगू की चपेट में आ गया है। जिसके बाद से स्वास्थ्य विभाग ने अब इस तरफ भी विशेष ध्यान देना शुरू कर दिया है। डेंगू एवं मलेरिया की रोकथाम के लिए 20 टीम गठित कर दी हैं।स्वस्थ विभाग की तरफ से इन टीमों के द्वारा एंटी डेंगू अभियान जोरों पर चलाया जाएगा।ताकि लोगों को डेंगू और मलेरिया से बचाया जा सके।
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जानकारी के मुताबिक राकेश मार्ग पर रहने वाले एक 16 वर्षीय किशोर की तबीयत अचानक खराब हुई शुरुआती दौर में फैमिली चिकित्सक से उपचार कराया गया।लेकिन किशोर की तबीयत बिगड़ती चली गई। किशोर का मेडिकल परीक्षण कराया गया तो उसमें डेंगू (Dengue India) की पुष्टि हुई। जिसके बाद किशोर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया इतना ही नहीं तबीयत ज्यादा खराब होने के कारण किशोर को 4 यूनिट खून भी चढ़ाया गया।उधर डेंगू की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है और तमाम तरह की योजनाओं पर कार्य किए जाने की शुरुआत कर दी गई है।शुरुआती दौर में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से 20 टीम बनाई गई है।इनमें से 8 टीम इंदिरापुरम वैशाली वसुंधरा राजेंद्र नगर साहिबाबाद सहित एंटी डेंगू अभियान पर कार्य करेंगी। वही पुराने शहर में सबसे ज्यादा डेंगू प्रभावित रहने वाली कॉलोनी पटेल नगर राजनगर एक्सटेंशन नेहरू नगर गांधी नगर कवि नगर विजयनगर और गोविंदपुरम में भी यह सभी टीम एंटी डेंगू अभियान पर कार्य करेंगी।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक बीते वर्ष डेंगू के करीब 1800 मामले सामने आए थे।इसलिए इसे ध्यान में रखते हुए अभी से ही स्वास्थ्य विभाग ने एंटी डेंगू योजना पर कार्य करना शुरू कर दिया है। इसका सबसे बड़ा कारण यह भी माना जा रहा है।क्योंकि डेंगू का प्रकोप बरसात के बाद ही सामने आता है और इस बार भी सर्दी खत्म होने के दौरान कई बार तेज बारिश हुई है।इस मामले में जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ आर के गुप्ता का कहना है।कि डेंगू का लारवा अगर नष्ट नहीं किया जाए तो वह कई साल तक निष्क्रिय रहता है और साफ पानी मिलने के बाद वह दोबारा से सक्रिय हो जाता है। उन्होंने बताया कि राकेश मार्ग पर रहने वाला एक किशोर डेंगू की चपेट में आया है।जिसे गंभीरता से लेते हुए उस इलाके में स्वास्थ्य विभाग की टीम (Health department team) के माध्यम से सर्वे कराने के साथ-साथ एंटी डेंगू स्प्रे का छिड़काव भी कराया जा चुका है। उन्होंने बताया कि अभी तक कराए गए सर्वे के मुताबिक हिंडोन पार क्षेत्र में डेंगू का प्रकोप ज्यादा रहता है।इसलिए पहली बार हिंडोन पार क्षेत्र में डेंगू नियंत्रण के लिए एक अस्थाई केंद्र भी बनाया गया है।इस अस्थाई केंद्र पर फास्ट टीम तैनात की गई है।यह टीम स्थानीय लोगों को इसके बारे में जागरूक करते हुए एंटी लार्वा दवा का भी छिड़काव करेंगी।
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इसके अलावा नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मिथिलेश ने बताया कि डेंगू और मलेरिया (Dengue and Malaria) से लोगों को बचाने के लिए फॉगिंग का कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके लिए 50 नई मशीनें भी आ चुकी हैं और सोमवार से लगातार इन मशीनों के माध्यम से हर इलाके में फागिंग की जाएगी।ताकि मच्छरों के प्रकोप से लोग बच सकें।

