मेरठ। योगी सरकार ने पार्ट टू में मेरठ के लिए काफी कुछ रखा गया है। मेरठ में भी अब सुरक्षा की दृष्टि से एटीएस सेंटर बनाया जाएगा। योगी सरकार ने बजट में मेरठ में एटीएस सेंटर लिए धनराशि रखी है। बता दें कि मेरठ प्रदेश ही नहीं देश के अतिसंवेदनशील महानगरों में से एक है। पश्चिमी उप्र में एक एटीएस सेंटर सहारनपुर के देवबंद में बनकर तैयार हो रहा है। जिसकी आधारशिला मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ ने रखी थी। वहीं अब एक एटीएस सेंटर मेरठ में बनने से पश्चिमी उप्र की सुरक्षा व्यवस्था और अधिक पुख्ता होगी। बता दें कि मेरठ वेस्ट यूपी में सुरक्षा की दृष्टि से एक बड़ा है। यहां पर जहां देश की सबसे बड़ी सेन्य छावनी है। वहीं आरएएफ और सीआरपीएफ की एक बटालियन है।
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पीएसी की दो बटालियन मेरठ में पहले से है। छठीं वाहनी पीएसी बटालियन मेरठ रूडकी रोड पर स्थित है। मेरठ मे प्रदेश का बड़ा पुलिस ट्रेनिंग सेंटर भी है। अब एटीएस सेंटर की घोषणा होने से मेरठ पश्चिमी उप्र ही नहीं पूरे यूपी में सुरक्षा का बड़ा हब बनेगा।
मेरठ पश्चिमी उप्र ही नहीं प्रदेश के सबसे संवेदनशील जिलों में शुमार है। इसके अलावा व्यापारिक दृष्टिकोण से भी मेरठ एक उत्तरी भारत का एक बड़ा प्रतिष्ठान है। यहां के बने खेल का सामान,बैंड बाजा और सोने चांदी की ज्वैलरी तो विदेश तक जाती है। मेरठ के पूठा वेदव्यासपुरी में स्थित रैपिड एक्शन फोर्स और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की विंग देश में एकमात्र ऐसी विंग हैं। जहां पर दंगों से निपटने की ट्रेनिंग दी जाती है।

