लखनऊ। पूर्वांचल का माफिया डॉन पूर्व बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी को लेकर अब एक और बड़ा खुलासा सामने आया है। पंजाब जेल भेजे जाने से पहले बांदा जेल में मुख्तार अंसारी जिस सिम कार्ड का उपयोग कर रहा था वो प्रयागराज से खरीदा गया था। सिमकार्ड को प्रयागराज के लक्ष्मण बाजार की एक दुकान से 500 रुपये में लिया था। जांच में इस बात का खुलासा हुआ कि दुकान सेल्समैन को 500 रुपये अलग से देकर एक्टिवेटेड सिम कार्ड खरीदा गया था। सिम खरीदने के लिए दुकानदार को कोई कागज नहीं दिया गया।
एसटीएफ की जांच के अनुसाद प्रयागराज से खरीदा गया सिमकार्ड बांदा जेल तक बड़ी गोपनीय तरीके से पहुंचाया गया था। मुख्तार अंसारी इसी सिमकार्ड से लोगों से जेल में रहते हुए बातें करता था। मुख्तार अंसारी ने इसी सिमकार्ड से पंजाब के बिल्डर को धमकी देकर रंगदारी मांगी थी। बता दें कि गत 8 जनवरी 2019 को मुख्तार अंसारी ने बांदा जेल से बिल्डर को फोन किया था। जिसके बाद 24 जनवरी 2019 को मुख्तार अंसारी को गुपचुप तरीके से बांदा से पंजाब रोपड़ जेल ट्रांसफर किया गया था। जेल ट्रांसफर होने के बाद उप्र एसटीएफ ने मामले की जांच शुरू की थी। पंजाब जेलमंत्री हरजोत बैंस ने पिछले सप्ताह विधानसभा में मुख्तार को लेकर सनसनीखेज बयान दिया। जेलमंत्री के बयान के बाद यूपी का गृहमंत्रालय इस मामले को लेकर हरकत में आया है।
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मुख्तार अंसारी से जुड़े सभी रिकॉर्ड को फिर से खंगाला जा रहा है। गृह मंत्रालय इस पूरे मामले में नए सिरे से एक रिपोर्ट तैयार कर उसे पंजाब की नई सरकार को सौंपने की तैयारी कर रहा है। प्रयागराज की जिस दुकान से सिम लिया गया था वहां सेल्समैन से एक बार पूछताछ की गई है। उप्र सरकार नए सिरे से रिपोर्ट तैयार करा उसे पंजाब की नई सरकार को सौंपेगी।

