लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ दल भाजपा पर विपक्ष पैनी नजर बनाये हुए है। बीजेपी की ओर से आया कोई बयान हो, किसी नयी योजना की घोषणा हो या फिर किसी की पार्टी में ज्वायनिंग, विपक्ष से सत्तासीन दल को क्लीन चिट देने की उम्मीद नहीं की जा सकती। ताजा मामला गरमाया है इटावा जनपद में ब्लाक प्रमुख चुनाव के दौरान एसपी सिटी प्रशांत कुमार को थप्पड़ मारने वाले संजू चौधरी को भाजपा युवा मोर्चा (भाजयूमो) का जिलाध्यक्ष बना देने के बाद।
भाजयूमो के स्टेट प्रसिडेंट प्रांशु दत्त दिवेदी की ओर से जारी लिस्ट में इटावा से विवेक चौधरी उर्फ संजू को प्रेसिडेंट घोषित किया है। 27 अगस्त को जारी इस लिस्ट के बाद इटावा मे संजू चौधरी को शुभकामनाएं देने का सिलसिला है। पर इस बीच प्रमुख विपक्ष दल समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की ओर से उसपर विरोध दर्ज कराया गया है।
समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष गोपाल यादव के मुताबिक, बीजेपी अपराध मुक्त राज्य का दावा तो करती है, पर एसपी को थप्पड मारने वाले एक अभियुक्त को युवा मोर्चा का प्रेसिडेंट बनाकर सम्मान भी दे देती है। बीजेपी का यह दोहरा मापदंड जगजाहिर है। साफ है कि बीजेपी का अपराध-मुक्त राज्य का नारा सिर्फ उनके खिलाफ विरोध प्रकट करने वालों के लिए है। नवनियुक्त इटावा भाजयुमो अध्यक्ष को लेकर कांग्रेस के भी पूर्व जिलाध्यक्ष उदयभान सिंह यादव कहते है कि बीजेपी साफ राजनीति की बात करती है, पर जिस तरह से एक एसपी को थप्पड मारने वाले को प्रेसिंडेंट बनाया गया, उससे साफ है कि सत्तासीन दल जो कहती है वो करती नहीं।
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याद हो पिछले दिनों बीएसपी के बाहुबली नेता जितेन्द्र सिंह बबलू को भी बीजेपी में शामिल कराया गया था। जितेंद्र सिंह बबलू को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने बीजेपी की सदस्यता दिलाई थी। साल 2009 में बबलू उस वक्त चर्चा में आए जबकि उनके ऊपर तत्कालीन कांग्रेस नेता रीता बहुगुणा जोशी के घर जलाने का आरोप लगा। बबलू पर एफआईआर भी दर्ज हुई थी। बीजेपी में उनकी ज्वायनिंग होते ही पहला विरोध खुद भाजपा सांसद रीता बहुगुणा ने ही जता दिया। बाद में हगामा ज्यादा मचा तो भाजपा ने उनको बाहर का रास्ता दिखा दिया।
अब जहां तक सवाल संजू चौधरी को भाजपा युवा मोर्चा (भाजयूमो) का जिलाध्यक्ष बना देने का है तो बीते दिनों पुलिस ने अपनी तफ्तीश मे पाया था कि 10 जुलाई को ब्लाक प्रमुख के वोटिंग के दौरान बढ़पुरा ब्लाक ऑफिस के बाहर जमा भीड़ को पुलिस ने हटाने की कोशिश में थी। इधर भीड़ ने पुलिस पर पथराव ही नहीं फायरिंग भी की थी। इस बीच एक युवक ने एसपी सिटी प्रशांत कुमार को थप्पड़ मारा। इस शख्स की पहचान विवेक चौधरी उर्फ संजू चौधरी के रूप में हुई थी। इसके बाद बीती 12 जुलाई को सिविल लाइन थाना पुलिस ने संजू चौधरी को अरेस्ट कर जेल भेज दिया था। जमानत 16 जुलाई को हुई।
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