रायबरेली: उत्तर प्रदेश के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली की जिला पंचायत सदस्य की ज्यादातर सीटों पर कांग्रेस और सपा समर्थित प्रत्याशियों का दबदबा रहा, जबकि भाजपा समर्थित प्रत्याशियों की जबरदस्त हार हुई है. जिला पंचायत की 52 सीटों पर कांग्रेस और सपा ने 11-11 पर कब्जा जमाया है, जबकि भाजपा के खाते में नौ सीटें आई हैं. एक सीट अपना दल और 21 सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों के खाते में आईं हैं. वहीं बसपा अपना खाता भी नहीं खोल पाई.
रायबरेली में जिला पंचायत सदस्य के परिणामों में जहां पूर्व सांसद अशोक सिंह के बेटे मनीष सिंह की पत्नी आरती सिंह ने अमावां द्वितीय से जीत हासिल की है, वहीं जगतपुर से कांग्रेस के राकेश सिंह राना ने अपना जलवा दिखाया है. राही ब्लाक की तीनों सीटों पर जहां सपा समर्थित प्रत्याशी ने जीत हासिल की है, वहीं महाराजगंज प्रथम से पूर्व ब्लॉक प्रमुख एवं सपा के पूर्व विधायक रामलाल अकेला के बेटे विक्रांत अकेला ने जीत हासिल की है. उन्होंने सपा से बागी प्रत्याशी को ही नहीं, बल्कि भाजपा के पूर्व विधायक राजाराम त्यागी को धूल चटाई है.
यही नहीं हरचंदपुर तृतीय से पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष एवं एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह की अनुज वधू सुमन सिंह चुनाव हार गई हैं. सुमन सिंह को सपा की शिवदेवी ने हराया है. हरचंदपुर प्रथम से जहां भाजपा समर्थित प्रत्याशी चुनाव हार गए, वहीं राघवेंद्र प्रताप सिंह निर्दलीय लड़कर जीत दर्ज की है.

