मेरठ। यूपी चुनावी दंगल 2022 – मेरठ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्व की सरकारों ने जो बजट अपना पूरे पांच साल में पेश किया उतना तो आज गन्ना किसानों के खाते में भाजपा सरकार डाल चुकी है। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस बयान पर सपा रालोद गठबंधन की ओर से पत्रकार वार्ता कर रहे पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और जयंत चौधरी ने करारा उत्तर दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सिर पर लाल टोपी और हाथ में लाल पोटली लेकर अपने बराबर में बैठे रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी की ओर देखते हुए कहा कि हम किसान के बेटे हैं। किसानों के लिए आखिरी दम तक लड़ाई लड़ेगे। हम अन्न का मोल समझते हैं इसलिए ही अपने साथ लाल पोटली को अपनी जेब में लेकर हमेशा चलते हैंं। उन्होंने लाल पोटली हाथ में लेकर कहा कि गठबंधन की सरकार बनने के बाद गन्ना किसानों का भुगतान 15 दिन के भीतर होगा। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा को हराने और प्रदेश से भगाने के लिए वे अन्न का संकल्प लेकर अपने साथ चलते हैं। अखिलेश ने मुजफ्फरनगर से लेकर लखनऊ तक ग्रीन एक्सप्रेस बनाने का वादा किया।

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उन्होंने कहा कि यहां के लोगों को लखनऊ जाने में काफी परेशानी उठानी होती है। इस ग्रीन एक्सप्रेस के बनने से यहां के लिए लखनऊ पहुंचाना आसान होगा। गृहमंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए अखिलेश ने कहा कि वे जिस विभाग के मंत्री हैं जरा देश के कानून व्यवस्था की स्थिति को देखे। देश में कानून व्यवस्था बहुत बत्तर हालत में है। रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी ने कहा कि हमारे प्रत्याशी को चुनाव प्रचार की अनुमति नहीं मिल रही है। हमारे प्रत्याशी अपने विधानसभा क्षेत्र में वीडियो वैन चलाने के लिए अनुमति मांग रहे हैं। लेकिन नहीं दी जा रही है।
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उन्होंने कहा कि जबकि भाजपा प्रत्याशी अपने क्षेत्र में चुनाव प्रचार वैन में वीडियो चला रहे है और पूरे प्रदेश में घूम रहे हैं। उन्होंने निर्वाचन आयोग से इसकी शिकायत करने की बात कही। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि यह चुनाव भाजपा का प्रदेश से राजनैतिक पलायन सिद्ध होगा। मैं और जयंत किसान के बेटे हैं और जब किसान के बेटे मैदान में उतरते हैं तो कार्पोरेट नेताओं को जनता नकार देती है। अखिलेश यादव ने कहा कि हमने गठबंधन इसलिए किया है कि चौधरी चरण सिंह की विरासत को आगे बढ़ाए और किसानों को उनका हक दिलवाए। भाजपा सरकार ने किसानों को उनकी दोगुना आय की बात की थी लेकिन आज किसान समय से फसल नहीं बो सकता न बेच सकता है। इन्हीं किसानों को खत्म करने के लिए भाजपा तीन कृषि कानून लाई। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने किसानों के साथ ऐसा क्यों किया।

