मेरठ। भाजपा को प्रदेश में सरकार बनाने के लिए दो तिहाई बहुमत दिलवाने में पश्चिमी उप्र का भी अहम रोल रहा है। हालांकि विधानसभा चुनाव परिणाम 2022 (Assembly Election Result 2022) में भाजपा को उतनी सीटें नहीं मिली। जितनी कि 2017 में मिली थी। लेकिन इस बार भाजपा के कई कददावर विधायक अपनी विधायकी बचाने में कामयाब रहे। प्रदेश में भाजपा सरकार पार्ट 2 के लिए मंत्रिमंत्रडल गठन के नामों पर तेजी से विचार किया जा रहा है। मंत्रिमंडल में इस बार पश्चिमी उप्र अपनी मजबूत पैरवी चाहता है। प्रदेश भर में पश्चिमी उप्र एकमात्र ऐसी जगह है जहां पर भाजपा को यहां का मतदाता आंख बंदकर वोट करता है। लेकिन उसके बाद भी इस क्षेत्र की मंत्रिमंडल में उपेक्षा की जाती रही है। पूर्व सरकार के मंत्रिमंडल में मेरठ जिले से मात्र दिनेश खटीक को ही दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री बनाया गया था। जबकि बिजनौर से अशोक कटारिया और शामली के थाना भवन से विधायक सुरेश राणा,मुरादाबाद से चौधरी भूपेंद्र सिंह को कैबिनेट में जगह दी गई थी। इस बार सुरेश राणा चुनाव हार गए हैं। चौधरी भूपेंद्र सिंह पश्चिमी उप्र में जाटों का बड़ा चेहरा माने जाते हैं।
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पश्चिम यूपी में भाजपा जाट राजनीति के शिल्पकार में भूपेंद्र सिंह की गिनती होती है। इसी के बहाने भाजपा 2024 के आम चुनाव में जाट मतदाताओं को साधने की कोशिश करेंगी। जाट चेहरे के रूप में योगेश धामा जो कि बागपत से चुनाव जीते हैं और मोदीनगर की विधायक डा. मंजू सिवाच भी दावेदार हैं। पश्चिमी उप्र में गुर्जरों ने भाजपा की विजय में बड़ी भूमिका निभाई। गुर्जरों ने भाजपा को एकतरफा वोट किया। इस बिरादरी से मेरठ पश्चिमी उप्र के विधायक डा0 सोमेंद्र तोमर और बिजनौर से गुर्जर चेहरा अशोक कटारिया मंत्रिमंडल के प्रमुख दावेदारों में एक हैं। अशोक कटारिया पिछली सरकार में परिवहन मंत्री रह चुके है। वहीं पश्चिम उप्र में भाजपा के ठाकुर चेहरों की बात करें तो इस बार पार्टी ने दस ठाकुर प्रत्याशियों को टिकट दिया था। जिसमेें रक्षामंत्री राजनाथ सिंह (Defense Minister Rajnath Singh) के बेटे पंकज सिंह नोएडा से रिकार्ड मतों से जीते हैं।
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पंकज का दावा भी काफी मजबूत माना जा रहा है। अनुसूचित जाति कोटे से पिछली सरकार में अंतिम समय में राज्यमंत्री बने हस्तिनापुर विधायक दिनेश खटीक को कैबिनेट का दर्जा मिल सकता है। दिनेशन ने दोबारा हस्तिनापुर जीतकर इतिहास रचा है। बात वैश्य चेहरों की करें तो पिछली गाजियाबाद के विधायक अतुल गर्ग और मुजफ्फरनगर के कपिल देव अग्रवाल के अलावा मेरठ कैंट से चुनाव जीते अमित अग्रवाल को मौका मिल सकता है। लेकिन इनमें सबसे अधिक दावेदारी अतुल गर्ग और कपिल देव की मानी जा रही है।

