मेरठ। प्रत्याशियों के भाग्य खुलने की उल्टी गिनती अब शुरू हो चुकी है। हालांकि ईवीएम से नतीजों का रूझान 10 मार्च को सुबह 9 बजे के बाद से मिलना शुरू होगा। लेकिन इससे पहले ही सभी दलों ने जीत के दावे किए है। मेरठ में भी सभी सात सीटों पर राजनीतिक बिसात बिछाने वाले प्रत्याशियों की सांसें अटकी हैं। प्रत्याशी अपने और विरोधी दल के वोट को लेकर बूथवार गणित लगा रहे हैं। समर्थकों के बीच भी चर्चाओं का बाजार गर्म है। वर्ष 2017 में मेरठ की छह सीटों पर भगवा लहराया था। जबकि शहर की सीट सपा के खाते में गई थी। भाजपा को उम्मीद है कि इस बार भी भाजपा 2017 जैसा ही प्रदर्शन दोहराएगी। लेकिन परिस्थितियां कुछ और ही कह रही हैं। वहीं दूसरे दल खासकर सपा रालोद गठबंधन (SP RLD Alliance) भाजपा के जीत की राह में मतबूती के साथ खड़ा है। गठबंधन ने मेरठ ही नहीं पूरे पश्चिमी उप्र में भाजपा को कड़ी चुनौती दी है। सपा के जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह का कहना है कि इस बार प्रदेश में सपा की सरकार बन रही है।
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उन्होंने कहा कि मेरठ ही नहीं पूरे पश्चिमी उप्र में सपा और रालोद गठबंधन भाजपा का सूपड़ा साफ करेगा। वहीं भाजपा के पश्चिमी क्षेत्र के मीडिया प्रभारी गजेंद्र शर्मा का कहना है कि चुनावी एग्जिट पोल (Election exit polls) और जनता के दिए वोट से साफ होता है कि भाजपा की सरकार एक बार फिर से प्रदेश में पूर्ण बहुमत के साथ बन रही है। उनका कहना है कि पश्चिमी उप्र में भी भाजपा 2017 से अच्छा प्रदर्शन करेगी। वहीं कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता अभिमन्यू त्यागी ने कहा कि इस बार प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनेगी। मेरठ में जिन सीटों पर कांग्रेस चुनाव लड़ी है उनमें दमदार तरीके से जीत हासिल करेगी।

