मेरठ। कहते हैं कि चुनाव लड़ना किसी गरीब के बस की बात नहीं है। चाहे वो प्रधानी का हो या फिर विधानसभा या लोकसभा। लेकिन अगर दिल में जज्बा हो और समाज में छवि अच्छी हो तो रूपये के ऊपर हमेशा छवि भारी पड़ती है। यह बात एक सफाईकर्मी ने सिद्ध कर दी। जो कि अपने दम पर विधायक बना और गठबंधन के प्रत्याशी को जबरदस्त धूल चटाई। जिसे गठबंधन आम मानकर चल रहा था आज वो अपने इलाके के लिए खास हो गया जबकि गठबंधन का प्रत्याशी आम हो गया। बात कर रहें है। संतकबीरनगर की धनघटा विस सीट से भाजपा के टिकट पर जीतकर विधायक बने सफाईकर्मी गणेश चौहान (Sweeper Ganesh Chauhan) आज किसी परिचय के मोहताज नहीं है। भाजपा ने जब इनको टिकट दिया तो चुनाव लड़ने के लिए पैसे नहीं थे। पार्टी के सामने हाथ नहीं फैलाया बस अपने कुछ लोगों से उधार मांगा और उतर गए चुनावी रण में।
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तेज तर्रार गणेश ने गठबंधन प्रत्याशी अलगू प्रसाद को धूल चटाई और विधानसभा पहुंचे। इससे पहले दलित और पिछड़ी जाति मतदाता बहुल सीट धनघटा पर 1991 में श्रीराम चौहान भाजपा से चुनाव जीते थे। 2017 के चुनाव में भाजपा के श्रीराम चौहान जीते।
गणेश चंद सफाईकर्मी होकर घर की आर्थिक स्थिति बदततर है। वह स्कूल में थे, तभी से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े। संघ से जुड़कर वो लोगों की मदद करते थे। स्नातक करने के बाद सफाई कर्मी बने लेकिन राजनीति से जुड़े रहे। गणेश का घर कर्ज के सहारे चलता है। वे अपने गांव के लोगों की मदद भी लोन लेकर करते रहते हैं। पंचायत चुनाव (Panchayat Election) के दौरान साथ में काम करने वाले 25 कर्मचारियों के लिए उन्होंने लोन लिया और उनकी मदद की। आज वो 35 लाख के कर्जदार हैं और अब विधायक बन गए।

