मेरठ। UP Election News Hindi – उप्र की राजनीति में कभी किंग मेकर की भूमिका निभाने वाले पूर्व सांसद और मंत्री नरेश अग्रवाल को कौन नहीं जानता। प्रदेश की राजनीति में घाट—घाट का पानी पीकर महारथ हासिल करने वाले नरेश अग्रवाल के परिवार का हरदोई सीट पर पिछले तीन दशक से अधिक समय से कब्जा रहा है। इस बार नरेश अग्रवाल का बेटा नितिन अग्रवाल इस सीट से हैट्रिक लगाने की तैयारी में है। लेकिन इस बार सपा के अखिलेश यादव उनके लिए कड़ी चुनौती पेश कर रहे हैं। लेकिन कभी सपा में मुलायम सिंह के करीबी रहे नरेश अग्रवाल को मुलायम सिंह के बेटे और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के हर राजनैतिक पैतरे का तोड़ पता है। 36 वर्ष से हरदोई पर नरेश अग्रवाल एंड फेमली का कब्जा है। इस बार भी वो बेटे नितिन अग्रवाल के लिए जी जान से मैदान में डटे हुए हैं। बता दे कि नरेश के बेटे नितिन हरदोई विधानसभा से तीसरी बार चुनाव मैदान में हैं।
नितिन के पिता ने कांग्रेस से अपना राजनैतिक करियर शुरू किया था। इसके बाद 1997 में जब कांग्रेस का विभाजन हुआ तो वे कल्याण सिंह सरकार में मंत्री बनाए गए। इसके बाद वे बहन मायावती के साथ बसपा में रहे। जब बसपा में नरेश को कोई बढ़िया मौका नहीं मिला तो वे मुलायम सिंह के पास सपा में आ गए। सपा में भी उन्होंने कभी अच्छे दिन गुंजारे। लेकिन इन सब के बावजूद भी नरेश अग्रवाल की भाजपा से नजदीकियां बनी रहीं। उन्होंने अपेन बेटे नितिन को वर्ष 2012 में राजनीतिक के मैदान में उतारा। उसके बाद से नितिन हरदोई से दो बार विधायक बन चुके हैं। 2012 में नितिन सपा से विधायक बने थे। उसके बाद 2017 में वे भाजपा में शामिल हुए और भाजपा ने हरदोई से टिकट दिया तो विधायक बने। वे कहते हैं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कानून-व्यवस्था और मोदी का के समर्पण का नतीजा है जो भाजपा के पक्ष में उनको वोट मिलेगें। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर आरोप लगाया कि उनके पास गाली देने के अलावा कुछ नहीं है। वे हमेशा भाजपा को गाली देते रहते हैं। वहीं नरेश अग्रवाल कहते हैं कि सपा अब शौकीन नेताओं के हाथ की कठपुतली बनी हुई है। “आज अखिलेश की सपा में कोई नेता अनुभवी नहीं है। शिवपाल सिंह यादव की हालत सब देख रहे हैं। राम गोपाल को घर बैठा दिया गया है। आज अगर सपा से मुलायम सिंह भी टिकट मांगे तो उनको नहीं मिलेगा।

