यूपी चुनावी दंगल 2022: सीएम योगी के नामांकन के बहाने पूर्वांचल को साधने की तैयारी, दिग्गजों का जमावड़ा

विधानसभा चुनावयूपी चुनावी दंगल 2022: सीएम योगी के नामांकन के बहाने पूर्वांचल को...

Date:


यूपी चुनावी दंगल 2022: सीएम योगी के नामांकन के बहाने पूर्वांचल को साधने की तैयारी, दिग्गजों का जमावड़ा

लखनऊ। यूपी चुनावी दंगल 2022 – गोरखपुर शहर सीट से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाजपा के सिंबल पर नामांकन कर दिया है। शुक्रवार को सीएम योगी के नामांकन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा जेपी नड्डा, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, चुनाव प्रभारी धर्मेन्द्र प्रधान और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह भी पहुंचे थे। इन दिग्गजों के पहुंचने का कारण था चुनाव के काफी पहले एक बार और पूर्वांचल को गोरखपुर से साध लिया जाए। क्योंकि ऐसा पहली बार हुआ है कि गृह मंत्री अमित शाह किसी का नामांकन कराने पहुंचे हैं। हालांकि बीजेपी भी जानती है कि लखनऊ विधानसभा में बने रहना है तो पूर्वांचल को जीतना बेहद जरूरी है।

Read also: यूपी चुनावी दंगल 2022: गोरखपुर पहुंचे चंद्रशेखर आजाद, सीएम योगी आदित्यनाथ पर लगाए गंभीर आरोप, मच सकता है सियासी हंगामा

क्या है शक्ति प्रदर्शन के मायने

पूर्वांचल में सीएम योगी के नामांकन के बहाने बड़े नेताओं को बुलाकर शक्ति प्रदर्शन करने पीछे कई मायने हैं। पूर्वांचल में करीब 165 सीटें हैं जिसमें से भाजपा जिसमें से भाजपा के पास 115 सीटें हैं। ये सीटें बहुमत के जादुई आंकड़े तक पहुंचने के लिए किसी रामबाण से कम नहीं हैं। ऐसे में भाजपा की कोशिश है कि पूर्वांचल की पकड़ को किसी भी कीमत पर कमजोर ना पड़ने दिया जाए। क्योंकि पश्चिमी यूपी में किसान आंदोलन का प्रभाव काफी रहा है, ऐसे में वहां से उसे नुकसान होना तय है। ऐसे में अगर पूर्वांचल में भी भाजपा थोड़ी भी कमजोर पड़ती है तो उसके लिए मुश्किलों का दौर शुरू हो जाएगा। क्योंकि ये गढ़ सपा और बसपा का हुआ करता था। इसके अलावा 2019 के लोकसभा चुनाव में बसपा और सपा के महागठबंधन को सबसे ज्यादा सफलता पूर्वांचल में ही मिली है। ऐसे में भाजपा किसी भी कीमत पर यहां पर कोई लापरवाही नहीं करने के मूड में है।

Read also: राजनाथ बोले, कांग्रेस नेता राहुल गांधी संसद में कर रहे गलत बयानबाजी

क्षेत्रवार बड़े नेताओं को मिली जिम्मेदारी

भाजपा ने यूपी के लिए एक प्लान तैयार किया हुआ है। इसको कई क्षेत्रों में बांटा गया है। जिसमें पूर्वांचल के गोरखपुर और कानपुर की जिम्मेदारी भाजपा के अध्यक्ष जेपी नड्डा को दी गई है। वहीं अमित शाह को बृज और पश्चिमी क्षेत्र का भार दिया गया है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को अवध और काशी की जिम्मेदारी दी गई है। ऐसे में क्षेत्र ना होने के बाद भी अमित शाह का नामांकन में मौजूद होना पूर्वांचल की अहमियत बताने के लिए काफी है।

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवेदन कैसे करें? स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया

प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवेदन करने से पहले...

प्रधानमंत्री आवास योजना क्या है? पात्रता, लाभ और आवेदन प्रक्रिया

प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर लोगों के मन में...

PoK में बढ़ते तनाव पर संयुक्त राष्ट्र ने जताई चिंता, निष्पक्ष जांच और राजनीतिक बातचीत की अपील

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने पाकिस्तान...