लखनऊ। पूर्वांचल के बाहुबली माफिया मुख्तार अंसारी (Bahubali Mafia Mukhtar Ansari) के बेटे अब्बास अंसारी अगले 24 घंटे तक चुनाव प्रचार नहीं कर पाएंगे। चुनाव आयोग ने उनके प्रचार प्रसार पर रोक लगादी है। इस दौरान वह कहीं किसी से मिल भी नहीं पाएंगे इसके लिए हाउस अरेस्ट कर दिया गया है। अब्बास अंसारी मऊ सदर सीट से ओमप्रकाश राजभर की पार्टी सुभासपा से प्रत्याशी हैं। वह अपने पिता की सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।
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पिछले 24 घंटे से अब्बास अंसारी का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वह यह कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी तो यहां से 6 महीने तक किसी भी अधिकारी का तबादला नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह बात उन की सपा मुखिया अखिलेश यादव से हुई है। उनकी बातों से साफ झलक रहा था कि वह अधिकारियों से बदला लेना चाहते हैं। एक धमकी भरा अंदाज था। इसको लेकर चुनाव आयोग में शिकायत हुई थी जिसके बाद चुनाव आयोग ने उनके ऊपर यह पाबंदी लगाई है। पक्ष का आरोप है कि वह लोगों को डरा धमका कर चुनाव को प्रभावित कर सकते हैं ऐसे में आयोग ने अगले 24 घंटे तक उनको हाउस अरेस्ट कर दिया है।
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मुख्तार अंसारी सदर सीट (Mukhtar Ansari Sadar Seat) से 1995 से लेकर साल 2022 तक लगातार विधायक रहे हैं। इस बार उन्होंने चुनाव न लड़ने का फैसला किया है। उनकी जगह पर उनके बड़े बेटे अब्बास अंसारी चुनाव लड़ रहे हैं। अब्बास को ओमप्रकाश राजभर ने अपनी पार्टी का उम्मीदवार बनाया है। पिछली बार मुख्तार अंसारी बहुजन समाजवादी पार्टी से चुनाव लड़ कर यहां से विधायक चुने गए थे। मोदी लहर में भी मुख्तार ने बड़े अंतर से जीत हासिल की थी।

