UP Azamgarh Bypoll Result: रामपुर के बाद आज़मगढ़ पर भी भाजपा का कब्ज़ा, निरहुआ जीते

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उत्तर प्रदेश की दो लोकसभा सीट आज़मगढ़ और रामपुर में हुए उपचुनावों में भाजपा ने समाजवादी पार्टी के किले को ध्वस्त करते हुए भगवा झंडा लहरा दिया है. रामपुर में आज़म खान की बादशाहत ख़त्म करने के बाद अब दिनेश लाल निरहुआ ने आजमगढ़ में अखिलेश की बादशाहत को समाप्त कर दिया है, यहाँ से उन्होंने अखिलेश यादव के भाई धर्मेंद्र यादव को मिली जानकारी के मुताबिक सात हज़ार वोटों से हराया है, भाजपा को मिली इस जीत को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐतिहासिक बताया है. मुख्यमंत्री ने इन जीतों को डबल इंजन वाली सरकार की नीतियों का सुफल बताया है. 

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बता दें कि यह दोनों सीटें अखिलेश यादव और आज़म खान के विधायक चुने जाने पर रिक्त हुई थीं. दोनों ही लोकसभा क्षेत्र समाजवादी पार्टी के गढ़ माने जाते रहे हैं. आज़मगढ़ में तो पिछले विधानसभा चुनावों में सपा को सभी सीटें भी प्राप्त हुई थीं. लेकिन विधानसभा चुनावों के बाद समीकरण काफी तेज़ी से बदले। अखिलेश यादव की पिछले कुछ महीनों से एक मुस्लिम विरोधी इमेज बनाई गयी, इधर मुसलमानों में भी अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी को लेकर काफी आक्रोश नज़र आया और ऐसा लग रहा था कि इन चुनावों में मुसलमान सपा का उतना साथ नहीं देगा जैसा कि पिछले विधानसभा चुनावों में दिया था, और इसका सबूत इन दोनों चुनावों में कम मत प्रतिशत रहा. हालाँकि इस बात के भी आरोप लगे कि रामपुर में मुसलमानों को पुलिस प्रशासन ने वोट करने से रोका, इस मामले में कुछ वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे. इन सबके बावजूद सपा की मांद घुसकर भाजपा सपा का शिकार करने में कामयाब हुई.

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रामपुर में जीत का मार्जिन काफी रहा लेकिन आजमगढ़ में दिनभर मामला ऊपर नीचे होता रहा और आखिर में जीत निरहुआ की हुई जो पिछले चुनाव में अखिलेश यादव के हाथों लाखों के मार्जिन से हारे थे।  रामपुर की जीत को जहाँ आज़म खान की हार माना जा रहा है वहीँ आज़मगढ़ से धर्मेंद्र यादव की हार को अखिलेश यादव की हार कहा जा रहा है. बता दें कि दोनों सीटों पर समाजवादी पार्टी की तरफ कई नाम सामने आये थे तभी यह लग रहा था कि सपा अपने को इन चुनावों में सहज स्थिति में नहीं पा रही है, इसीलिए उम्मीदवारों के चुनाव पर इतने कश्मकश में है. यह दोनों नाम बिलकुल आखिर में तय किये गए।  इस बीच आज़मगढ़ से बसपा ने गुड्डू जमाली को चुनावी मैदान में उतारकर सपा के लिए राह मुश्किल कर दी, कहा जा रहा था कि गुड्डू जमाली जीत तो नहीं पाएंगे मगर सपा की जीत को मुश्किल ज़रूर कर देंगे और नतीजे  भी कुछ वैसे ही आये.

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