मेरठ। दो साल से कोरोना के चलते बंद चली आ रही उमरा यात्रा (Umrah Yatra) को सऊदी अरब सरकार ने अनुमति दे दी है। कोरोना से जुड़े सभी प्रतिबंध भी हटा दिए हैं। अब केवल कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज का प्रमाण पत्र दिखाने से ही सऊदी अरब में प्रवेश मिल जाएगा। इससे उमरा पर जाने वालों में खुशी की लहर है। वहीं इस साल होने वाले हज को लेकर भी उम्मीदें बढ़ गई हैं।
Read also: सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के साथ शांति वार्ता के लिए तैयार : हाउती मिलिशिया
मार्च 2020 में शुरू हुए कोरोना संक्रमण ने पूरे विश्व को अपनी चपेट में ले लिया था। इसके बाद सऊदी सरकार ने हज और उमरा यात्रा (Umrah Yatra) पर रोक लगा दी थी। 2021 में भी हालात सामान्य नहीं हो पाए। हज और उमरा दोनों धार्मिक यात्राएं हैं। हर मुसलमान का सपना होता है कि वह यह यात्राएं करें। इस साल हालात सामान्य होने के बाद लोग उमरा शुरू होने की उम्मीद कर रहे थे। जो अब पूरी हो जाएगी। सऊदी सरकार ने भारत सहित सभी देशों के लिए कोरोना प्रोटोकाल को खत्म कर दिया है। हज सेवा समिति के प्रदेश महासचिव आलम मुस्तफा याकूबी ने बताया कि सऊदी सरकार ने पांच मार्च को फरमान जारी किया है। इसमें उमरा यात्रा की अनुमति दी गई है।
यात्रा पर जाने वालों को कोरोना की जांच कराने की भी जरूरत नहीं है। उन्हें पासपोर्ट और वीजा के साथ केवल कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगी होने का प्रमाण पत्र दिखाना होगा। मेरठ से पहला दस्ता 26 मार्च को यात्रा पर जा रहा है। इसमें चार से पांच लोग शामिल हैं। उमरा यात्रा 15 दिन की होती है। जो हज के दिनों को छोड़कर साल के नौ महीनों में होती है। इसमें यात्रियों को आठ दिन मक्का और सात दिन मदीना में रुक—कर धार्मिक क्रिया करनी होती हैं। इस यात्रा पर एक से सवा लाख रुपये का खर्च आता है।
Read also: कोरोना के वैश्विक मामले बढ़कर 46.95 करोड़ हुए
उमरा यात्रा (Umrah Yatra) शुरू होने के बाद हज यात्रा की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। हज कमेटी आफ इंडिया ने आवेदन प्रक्रिया पिछले साल दिसंबर से ही शुरू कर दी थी। इसकी अंतिम तिथि दो बार बढ़ाकर 15 फरवरी की गई। सऊदी अरब से हज की गाइडलाइन जारी न होने के कारण आगे की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है।

