Crude Price Rise: सात साल के हाई लेवल पर पहुंचा कच्चा तेल,तेजी से बढ़ेगे देश में वाहन ईंधन के दाम

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Crude Price Rise: सात साल के हाई लेवल पर पहुंचा कच्चा तेल,तेजी से बढ़ेगे देश में वाहन ईंधन के दाम

मेरठ। रूस यूक्रेन युद्ध (Russia Ukraine War) का असर वैश्विक स्तकर पर विश्व के देशों में कई तरह से पड़ना शुरू होने वाला है। इसका सबसे अधिक असर कच्चे तेज के बाजार पर पड़ेगा। बता दे कि अभी रुस द्वारा यूक्रेन पर हमले का तीसरा दिन है। इसी बीच विश्व बाजार में कच्चे तेल की कीमतें सात साल के रिकार्ड स्तर पर पहुंच गई है। इस समय कच्चे तेल की कीमत 103.78 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई है। जो कि इससे पहले अगस्तै 2014 में 105 डॉलर प्रत‍ि बैरल थी। यानी पिछले सात में अब तक के सबसे उच्च स्तर पर कच्चे तेल की कीमत पहुंची है। तेल के बढते दामों का असर आने वाले समय में देश के घरेलू बाजार पर भी पड़ेगा।

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जानकारों की माने तो अगर अभी पांच राज्यों के चुनाव नहीं होते तो सरकार पेट्रोल डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी जरूर कर देती। लेकिन इस समय चुनावी माहौल है और ऐसे में तेल के दाम बढ़ाए जाते हैं तो इसका असर राज्यों के चुनाव पर पड़ेगा। जिसका खामियाजा भाजपा को भुगतना पड़ सकता है। यहीं कारण है कि कच्चे तेल के दाम आसमान पर चढ़ने के बाद भी सरकार ने चुप्पी साधी हुई है। माना जा रहा है कि व‍िधानसभा चुनाव के बाद पेट्रोल डीजल की कीमत करीब 15 रुपये तक बढ़ सकती है। यह भी बताया जा रहा है कि ये बढ़ोत्तरी तेल कंपनियों की ओर से तीन चार चरणों में की जाएगी।

प‍िछले ढाई महीने के दौरान कच्चेी तेल के दाम में 27 प्रत‍िशत की वृद्धि हो चुकी है। कच्चे तेल (Crude Price) का दाम बढ़कर 103 डॉलर के पार हो गया है। कच्चे तेल के दाम र‍िकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद पेट्रोल-डीजल (Petrol-Diesel ) के दाम में बढ़ोत्तरी तय है। देश की बड़ी तेल कंपन‍ियों ने द‍िवाली के बाद से पेट्रोल और डीजल के दामों में क‍िसी तरह का कोई बदलाव नहीं क‍िया। उस समय से अब तक कच्चाम तेल करीब 20 डॉलर प्रत‍ि बैरल से भी ज्याेदा महंगा हुआ है। बाजारी कीमतें स्िकी र होने से इसका असर तेल कंपन‍ियों के लाभ पर पड़ रहा है। फ‍िलहाल मेरठ में पेट्रोल 95.41 रुपये और डीजल 86.67 रुपये प्रत‍ि लीटर है।

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रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia Ukraine War) का कच्चे. तेल के उत्पा दन—आपूर्ति पर असर पड़ेगा। रूस को दुन‍िया का बड़ा तेल उत्पादक माना जाता है। यह प्राकृत‍िक गैस का न‍िर्यात भी करता है। भारत रुस से दोनों ही चीजों का आयात करता है। युद्ध लंबा चला तो कच्चे तेल की कीमत(Crude oil price) 120 डॉलर के पार भी पहुंच सकती है।

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