जेल से निकलने के बाद आज़म खान ने एक बयान में योगी सरकार और भाजपा से एक सवाल किया था कि वह आज़म खान से इतनी नफरत क्यों करते हैं , कभी मिलूंगा तो पूछूंगा ज़रूर। वह मौका आ गया है. कल से विधानसभा का बजट सत्र शुरू होने वाला है, जेल में होने की वजह से आज़म खान विधायकी की शपथ नहीं ले पाए थे इसलिए कल वह सदन में मौजूद रहकर पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे।
Read Also :Lucknow: भाजपा की संसदीय बोर्ड बैठक में शामिल होंगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
अब जब आज़म खान सदन जायेंगे तो उनका सामना मुख्यमंत्री आदित्यनाथ से भी होगा। सवाल यही है कि क्या वह योगी जी पूछेंगे कि वह उनसे इतनी नफरत क्यों करते हैं या फिर कुछ और ही नज़ारा देखने को मिलेगा। क्या वह अपने दिल का दर्द सीएम योगी के सामने रखेंगे कि जेल में ढंग से नहीं रखा गया, बकौल उनके उन्हें कब्र में कैद कर दिया गया था।
वैसे एक नज़ारा और भी दिलचस्प होगा, कल आज़म खान सदन में अखिलेश के बग़ल वाली सीट पर बैठे नज़र आएंगे। लोगों की निगाहें इन दोनों पर ज़रूर रहेंगी और बहुत कुछ ढूंढने की कोशिश करेंगी। यह भी देखना दिलचस्प होगा कि दोनों के बीच पहले जैसी गर्मजोशी दिखाई देगी या फिर दोनों आपस में नज़रे चुराते हुए नज़र आएंगे।
Read Also : सहारनपुर देवबंद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एटीएस कमांडो ट्रेनिंग सेंटर की रखी आधारशिला
गौरतलब है कि आज़म खान पर मुर्गी चोरी, बकरी चोरी जैसे दर्जनों मुक़दमे लाद दिए गए थे, वह पिछले 27 महीनों से सीतापुर की जेल में बंद थे, इस बीच उन्हें कोरोना भी हुआ था जिसमें वह मरते मरते बचे था, अब सुप्रीम कोर्ट ने अपने स्पेशल पावर का इस्तेमाल कर उन्हें अंतिरम ज़मानत दी है. जेल से बाहर आकर आज़म खान ने जितने भी बयान दिए हैं उनमें उन्होंने अपनों से ही धोखा खाने की बात कही है।

