देश की संसद से विपक्षी सांसदों का निलंबन जारी है. कल 92 सांसदों को निलंबित किया गया था, उसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए सरकार ने आज 47 और सांसदों को निलंबित कर दिया। इस तरह अबतक 141 सांसदों का निलंबन हो चुका है. ये सांसद संसद की सुरक्षा में सेंधमारी पर केंद्रीय गृहमंत्री के बयान की मांग कर रहे थे. आज ससपेंड होने वाले सांसदों में कांग्रेस सांसद के शशि थरूर, सपा सांसद डिंपल यादव और एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले का नाम प्रमुख रूप से शामिल है.
विपक्षी सांसदों के निलंबन और संसद की सुरक्षा में सेंधमारी के विरोध में सांसदों ने दोनों ही सदनों में जमकर नारेबाजी की। दाेनों सदनों को पहले 12 बजे और फिर 12:30 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। कार्यवाही फिर शुरू हुई लेकिन एक बार फिर विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी करना शुरू की और इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। निलंबित सांसदों ने मकर गेट पर तानाशाही मुर्दाबाद और मोदीशाही मुर्दाबाद के नारे लगाए। इससे पहले सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी सांसदों ने गांधी प्रतिमा के सामने प्रदर्शन किया।
ससपेंड होने वालों में कांग्रेस नेता मनीष तिवारी, कार्ति चिदंबरम, बीएसपी से निष्कासित दानिश अली, सपा सांसद एसटी हसन, टीएमसी सांसद माला रॉय और आम आदमी पार्टी के सांसद सुशील कुमार रिंकू भी शामिल हैं.सांसदों के निलंबन को एनसी चीफ फारुक अब्दुल्ला ने सरकार का दीवालियापन बताया, फारुक अब्दुल्लाह ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अगर संसद आकर 2 मिनट के लिए संसद की सुरक्षा पर बयान दे जाते तो क्या हो जाता. वहीँ कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह ने कहा कि मोदी हिटलर के पग चिन्हों पर चल रहे हैं। इससे पहले 15 मार्च 1989 को 63 सांसदों का निलंबन हुआ था. उस वक्त लराम जाखड़ लोकसभा अध्यक्ष थे. तब पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के जांच के लिए बनाए गए ठक्कर आयोग की रिपोर्ट लोकसभा में रखी गई थी जिसपर विपक्ष ने हंगामा काटा था.

