- मुंबई के जिला औरंगाबाद प्रशासन ने जारी किया आदेश
मुंबई। भारत में कोरोना संक्रमण की शुरुआत होने से लेकर अब तक महाराष्ट्र कोरोना संक्रमण से सर्वाधिक प्रभावित है। संक्रमण रोकने के लिए कोरोना टीकाकरण को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लेकिन महाराष्ट्र के ही जिला औरंगाबाद में टीकाकरण की रफ्तार बेहद धीमी है। ऐसे में औरंगाबाद प्रशासन ने कोरोना वैक्सीन की एक भी डोज ने लेने वाले 18 साल से अधिक उम्र के लोगों को पेट्रोल, गैस और राशन न दिये जाने का ऐलान किया है। ऐसे लोगों के पर्यटन स्थालों पर घुमने या जिला-राज्य स्तर पर आवाजाही करने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
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महाराष्ट्र में कुल हुए टीकाकरण की बात करें तो औरंगाबाद का नंबर 26 वां है। महाराष्ट्र में टीकाकरण कराने का औसत आंकड़ा 74 प्रतिशत है लेकिन औरंगाबाद में सिर्फ 55 प्रतिशत लोगों ने ही कोरोना वैक्सीन की एक डोज लगवाई है। इससे जाहिर है कि यहां रहने वाले अधिकतर लोगों की टीकाकरण कराने में रुचि नहीं है। वहीं महाराज सरकार ने 20 नवंबर तक 100 प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य पाने का आदेश अधिकारियों को दिया है। ऐसे में लोगों को कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए औरंगाबाद प्रशासन ने सख्त निर्णय लिया है। औरंगाबाद प्रशासन ने एक आदेश जारी करते हुए कहा है कि कोरोना वैक्सीन की एक भी डोज ना लगवाने वाले लोगों को जिले में पेट्रोल, गैस और राशन नहीं मिलेगा। ऐसे लोगों को जिले में स्थित बीबी का मकबरा, अजंता, एलोरा गुफाएं और दौलताबाद किला समेत अन्य पर्यटन स्थलों पर प्रवेश भी नहीं मिलेगा।
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वैक्सीन न लगवाने वाले लोगों की जिला और राजस्थान पर आवाजाही पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। औरंगाबाद प्रशासन की ओर से जारी आदेश में सभी पर्यटन स्थलों पर स्थित होटल, रिसोर्ट और दुकानों में काम करने वाले लोगों के लिए कोरोना टीकाकरण कराना अनिवार्य है।

