भारत में कंपनियों द्वारा इस साल कर्मचारियों को 7.3 फीसदी की औसत वेतन वृद्धि देने की उम्मीद है. एक सर्वे के मुताबिक इसका कारण उम्मीद से तेज आर्थिक रिकवरी और कारोबार में रिवाइवल है. यह Deloitte Touche Tohmatsu इंडिया LLP (DTTILLP) द्वारा किया गया 2021 वर्कफोर्स एंड इंक्रिमेंट ट्रेंड्स सर्वे है. इसमें यह भी कहा गया है कि औसत वेतन वृद्धि इस साल 2020 में रही 4.4 फीसदी से ज्यादा रहेगी, लेकिन 2019 के 8.6 फीसदी से कम होगी.
सर्वे में भाग लेने वाली करीब 92 फीसदी कंपनियां की योजना वेतन वृद्धि करने की है. पिछले साल में यह केवल 60 फीसदी थी. सर्वे को दिसंबर 2020 में लॉन्च किया गया था. इसमें सात सेक्टर्स की 400 संस्थाएं और 25 सब सेक्टर शामिल हुए. भारत में कंपनियों के लिए औसत वेतन वृद्धि 4.4 फीसदी से बढ़कर 7.3 फीसदी होने की उम्मीद है. यह 7.3 फीसदी अनुमानित बढ़ोतरी 2019 की 8.6 औसत वेतन वृद्धि से कम है.
इसमें कहा गया है कि वेतन वृद्धि के बजट में बढ़ोतरी उम्मीद से ज्यादा तेज आर्थिक रिकवरी, कारोबार में रिवाइवल और ग्राहकों के विश्वास और सुधरते कॉरपोरेट मुनाफे के शुरुआती संकेतों के मुताबिक है. सर्वे के मुताबिक, 20 फीसदी कंपनियों की योजना इस साल दो संख्या में वेतन वृद्धि करने की है, जो 2020 में केवल 12 फीसदी थी. 2020 में वेतन वृद्धि करने वाली 60 फीसदी कंपनियों में से, एक तिहाई ने ऑफ साइकिल किए थे.
जिन कंपनियों ने 2020 में वेतन वृद्धि नहीं की, उनमें करीब 30 फीसदी की पिछसे साल की भरपाई के लिए ज्यादा वेतन वृद्धि या बोनस देने की योजना है. सर्वे में आगे कहा गया है कि लाइफ साइसेंज और इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी (आईटी) सेक्टर्स में सबसे ज्यादा वेतन वृद्धि होने की उम्मीद है. जबकि मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर्स में तुलना में कम सैलरी बढ़ोतरी रहने की संभावना है. इसमें कहा गया है कि केवल डिजिटल और ई-कॉमर्स कंपनियों के 2021 में डबल डिजिट औसत वेतन वृद्धि करने की उम्मीद है. सबसे कम इजाफा होस्पिटेलिटी, रियल एस्टेट, इंफ्रास्ट्रक्चर और रिन्यूएबल एनर्जी कंपनियों में रहने की उम्मीद है.

