मेरठ। मेडिकल कालेज में भर्ती कोरोना मरीजों को रेमडेसिविर एंटी-वायरल दवा दी जाएगी और कोरोना अस्पताल में कोविड-19 के मरीजों के इलाज के लिए इस दवा का ‘सीमित इमर्जेंसी इस्तेमाल’ होगा। चिकित्सकों ने कोविड-19 के इलाज में रेमडेसिविर के कारगर रहने का दावा किया है। यह दवा एक अमेरिकी कंपनी द्वारा बनाई जाती है।
सूत्रों के अनुसार सीमित इमर्जेंसी इस्तेमाल के तहत रेमडेसिविर मरीज को अधिकतम पांच दिन तक दिया जाएगा। यह दवा कोरोना के लक्षण वाले अस्पताल में भर्ती मरीजों को दी जाएगी। इस दौरान कई तरह की सुरक्षा का ध्यान रखा जाएगा। 10 दिन के बजाय इसके 5 दिन तक इस्तेमाल की इजाजत इसको देश में पहले ही इस्तेमाल करने के लिए दी जा चुकी है। अब यह दवा मेरठ के मेडिकल कालेज में कोविड वार्ड में भर्ती मरीजों केा भी दी जाएगी। सूत्रों ने बताया कि यह दवा इंजेक्शन के जरिए रोगी को दी जाती है। सिर्फ विशेषज्ञ डॉक्टर के लिखने पर ही दुकानदार को इस दवा को बेचने की इजाजत है। इसके अलावा इस दवा का इस्तेमाल सिर्फ हॉस्पिटल में भर्ती मरीज पर किया जा सकता है।
दवा बनाने वाली कंपनी गिलियाड के अनुसार हल्के लक्षण वाले कोरोना के मरीजों को रेमडेसिविर से फायदा हुआ है। मेडिकल कालेज के कोविड वार्ड के प्रभारी डा0 सुधीर राठी ने बताया कि अस्पताल में कोविड-19 के मरीजों के इलाज के लिए इस दवा का ‘सीमित इमर्जेंसी इस्तेमाल’ होगा। कोविड-19 के इलाज में रेमडेसिविर के कारगर रहने के बाद इसको मेरठ में भी इस्तेमाल की इजाजत दी गई है। अब यह दवा प्रदेश सरकार उन केंद्रों में उपलब्ध कराने जा रही है, जहां कोरोना के मामले ज्यादा हैं या मृत्युदर ज्यादा है। दवा बेहद महंगी है, ऐसे में आपूर्ति करने में फार्मा कंपनियां हिचक रही हैं। ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया ने भी दवा के प्रयोग की अनुमति दी है।मेडिकल कॉलेज के कोविड वार्ड प्रभारी डा. सुधीर राठी ने बताया कि अब तक छह मरीजों को रेमडेसिविर दी जा चुकी है।
वेंटीलेटर पर रखे गए मरीज में ज्यादा फायदा नहीं मिला। लेकिन हल्के गंभीर मरीजों में तेजी से वायरल लोड कम हुआ। ऐसे मरीजों को वक्त पर दवा देकर उन्हें वेंटीलेटर पर जाने से बचाया जा सकता है। गत दिनों मेडिकल कालेज प्रशासन ने नोडल अधिकारी पी. गुरुप्रसाद से कैंपस स्थित फार्मेसी में दवा उपलब्ध कराने की अपील की थी। उन्होंने बताया कि ये दवा शरीर में फेक जेनेटिक ब्लॉक बनाती है। जहां हमला करने पर वायरस अपनी कॉपी बनाना भूल जाता है।

