भारत में बन रहे ये नए भव्य मंदिर , जानिए क्या है खास

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भारत अपनी प्राचीन विरासत के लिए जाना जाता है। लेकिन आने वाले दिनों में भारत को कई ऐसे नए और भव्य मंदिर मिलने वाले हैं जो हमारी सभ्यता को और भी समृद्ध करने का काम करेंगे। आइए जानते हैं इन मंदिरों में क्या कुछ खास होने वाला है।

कब से होगे राम मंदिर के दर्शन

हिन्दू शास्त्रों के अनुसार अयोध्या भगवान श्री राम की जन्मभूमि है। श्री राम, जिन्हें श्री हरि विष्णु का अवतार माना जाता है, एक व्यापक रूप से पूजे जाने वाले हिंदू राजा हैं। इस राम जन्मभूमि पर एक भव्य मंदिर बनाया गया था जिसे तोड़ दिया गया था। इस जन्मभूमि पर फिर से भव्य मंदिर बनने जा रहा है। भूमि पूजन समारोह के बाद 5 अगस्त, 2020 को सिविल निर्माण शुरू हुआ। दिसंबर 2023 में राम मंदिर के एक खंड का उद्घाटन कर भक्तों के लिए खोल दिया जाएगा। इस मंदिर का सभी भारतीयों को बेसब्री से इंतजार रहता है।

वृंदावन चंद्रोदय मंदिर की विशेषता

वृंदावन चंद्रोदय मंदिर दुनिया का सबसे लंबा मंदिर होगा, जो वर्तमान में मथुरा के वृंदावन में बन रहा है। इस मंदिर की कुल लागत 300 करोड़ तक है। यह इस्कॉन बैंगलोर द्वारा निर्मित अब तक का सबसे महंगा मंदिर है। इस मंदिर में साल भर आने वाले विभिन्न प्रकार के धार्मिक उत्सव और त्योहार मनाए जाएंगे। आने वाले समय में यह मंदिर हिंदुओं के लिए एक बहुत बड़ा पर्यटन स्थल बनने वाला है। इस मंदिर के सफल निर्माण के बाद वृंदावन दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाएगा।

ओम आश्रम मंदिर में क्या खास होने जा रहा है

इस सृष्टि के रचयिता कहे जाने वाले त्रिदेव ब्रह्मा, विष्णु, महेश ‘ओम’ (ओम) के प्रतीक माने गए हैं। ॐ का निराकार रूप पृथ्वी पर पहली बार राजस्थान में प्रकट हुआ है। ओम की आकृति वाला शिव मंदिर लगभग बनकर तैयार है। इसका निर्माण कार्य पिछले 25 वर्षों से चल रहा है। यह 250 एकड़ में फैला हुआ है। यह शिव मंदिर चार खंडों में विभाजित है। एक पूरा खंड भूमिगत बना हुआ है। जबकि अन्य तीन खंड जमीन से ऊपर बने हुए हैं। बीच में स्वामी माधवानंद की समाधि है। भूमिगत में समाधि के चारों ओर सात ऋषियों की मूर्तियां स्थापित हैं।

महाकाल लोक में होंगी ये खूबियां

श्री महाकाल लोक पुराणिक सरोवर रुद्रसागर के तट पर विकसित हो रहा है। यहां भगवान शिव, देवी सती और अन्य धार्मिक कथाओं से संबंधित लगभग 200 मूर्तियां और भित्ति चित्र बनाए गए हैं। श्रद्धालु प्रत्येक भित्ति चित्र को स्कैन कर उसकी कथा सुन सकेंगे। सात ऋषियों, नवग्रह मंडल, त्रिपुरासुर वध, कमल तालाब में विराजमान शिव, 108 स्तंभों में शिव के आनंद तांडव का अंकन, शिव स्तंभ, भव्य प्रवेश द्वार पर विराजमान नंदी की विशाल प्रतिमाएं महाकाल लोक में मौजूद हैं। महाकाल कॉरिडोर में देश का पहला नाइट गार्डन भी बनाया गया है।

यहां रुकी भगवान श्रीराम की बारात

विराट रामायण मंदिर बिहार के पूर्वी चंपारण के चकिया-केसरिया नगर में बन रहा एक आगामी मंदिर है। अंकोरवाट से दोगुनी ऊंचाई और आकार के इस मंदिर को बनाने की योजना है। भगवान श्रीराम का यह मंदिर दुनिया का सबसे ऊंचा मंदिर होगा। इस मंदिर-समूह में 18 देवी-देवताओं के मंदिर होंगे, जिनमें भगवान राम प्रमुख देवता होंगे। मान्यता है कि यहां भगवान श्रीराम की बारात रुकी थी।

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