ऋषिगंगा पर बनी झील से बरसात तक नहीं है कोई खतरा
झील से लगातार हो रहा रिसाव कम कर रहा है खतरा
देहरादून। उत्तराखंड के चमोली जिले में ऋषिगंगा पर बनी झील में जमा पानी यदि बरसात से पहले खाली नहीं हुआ तो बड़ी तबाही का कारण बन सकता है। अच्छी बात यह है कि इस झील से पानी का लगातार रिसाव हो रहा है जिससे खतरा भी कम हो रहा है। इससे झील का जल स्तर बढ़ नहीं रहा है और फिलहाल किसी बड़े हादसे की आशंका नहीं है।
ऋषिगंगा पर बनी झील ने हादसे की आशंकाओं को जन्म दिया है। लेकिन यह भी कहा जा रहा है कि झील से पानी का रिसाव होना जारी है। इस वजह से झील का जलस्तर बढ़ने की संभावना कम हो रही है। लेकिन यह खतरा बरसात तक के लिये ही टला है। यदि बरसात आने से पहले इस झील का पानी नहीं निकाला गया तो इसका जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। ऐसे में कभी भी झील के टूटने और क्षेत्र में बड़ी तबाही आने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऋषिगंगा में बनी नयी झील में पानी ठंडा होने के कारण किनारे की मिट्टी और पत्थर काफी ठोस हो गये हैं। जिससे झील के टूटने की संभावना फिलहाल नहीं है। मगर बरसात में झील में पानी बढ़ेगा और झील के टूटने की आशंका बन जायेगी। ऐसा हुआ तो जलसैलाब इस क्षेत्र में तबाही ला सकता है। ऐसे में झील से पानी की निकासी के प्रयास करने चाहियें।

