मेरठ। सोने की ज्वेलरी में अब किसी प्रकार की मिलावट और धांधली नहीं चलेगी। इसके लिए भारतीय मानक ब्यूरो की टीम ज्वैलरी शोरूम पर छापेमारी कर वहां से सैंपल लेकर इसकी जांच करेगी। यह देखा जाएगा कि ज्वैलरी में जो हॉलमार्किंग टैग लगा है। उसमें बताई गई गुणवत्ता में सोने का उपयोग किया है या नहीं।
मेरठ के एक हॉलमार्किंग सेंटर संचालक के अनुसार अब बीआईएस अधिकारियों की सक्रियता काफी बढ़ गई है। लगभग प्रतिदिन सर्वे किया जा रहा है। मेरठ के सराफा बाजार में यदि किसी सरार्फ के पास पुरानी ज्वैलरी मिल रही है तो उनको तुरंत हटाने और एचयूआईडी लेने के लिए कहा है।
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मेरठ सहित प्रदेश के 26 जिलों में बीआईएस के नियम सख्त और अनिवार्य किए जा रहे हैं। केन्द्र के साथ ही राज्य सरकार की टीमें लगातार हॉलमार्किंग नियम का पालन करने के लिए सक्रिय हो गई हैं। विभाग की यह मंशा है कि सराफ बाजार में खरा सोने का जेवर बेचा जाए। इसमें किसी प्रकार की मिलावट नहीं होनी चाहिए।
वर्ष 2021 के जून में आदेश आए तो प्रदेश के 19 जिलों में हॉलमार्किंग जरूरी कर दी गई थी। उसके बाद अब फिर से चार अप्रैल को आदेश जारी हुआ। जिसमें अब प्रदेश के 26 जिलों में हालमार्किंग अनिवार्य की गई है। इन जिलों में मेरठ,आगरा मथुरा, प्रयागराज, बदायूं,बरेली, गाजियाबाद, देवरिया, जौनपुर, गोरखपुर, कानपुर नगर, झांसी, मुरादाबाद,लखनऊ, गौतमबुद्ध नगर, मुजफ्फर नगर, शाहजहांपुर, सहारनपुर, वाराणसी, आजमगढ़, बलिया, भदोई, प्रतापगढ़,बाराबांकी, औरैया और मिर्जापुर शामिल हैं।

