लखनऊ: कोरोना के नए वेरिएंट के मद्देनज़र केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी जनपदों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को स्वास्थ्य संबंधित सुविधाओं को बेहतर रखने के दिशा-निर्देश जारी किये हैं। देश के कई राज्यों में कोरोना के नए वेरिएंट मिलने के बाद लखनऊ में नए मरीजों की जीनोम सीक्वेंसिंग कराई जा रही है। इसमें राहत की बात ये है कि केजीएमयू से सीएमओ कार्यालय भेजी गई अबतक की रिपोर्ट में कोरोना का नया वेरिएंट नहीं मिला है।
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ट्रेवेल हिस्ट्री वालों पर रखी जा रही नज़र
मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय लखनऊ द्वारा विदेश या दूसरे राज्यों से लौटे लोगों पर विशेष नज़र रखी जा रही है। उनके पॉजिटिव आने पर खासतौर पर जीनोम सीक्वेंसिंग कराई जा रही है। सभी निजी सरकारी लैब में पॉजिटिव मिलने वालों मरीजों की ट्रेवल हिस्ट्री का रिकॉर्ड भी रखा जा रहा है।
लगातार बढ़ाई जा रही है वैक्सीनेशन की रफ़्तार
पूरे देश में 16 जनवरी से शुरू हुआ वैक्सीनेशन कोरोना के खिलाफ जारी जंग में अहम योगदान दे रहा है। लखनऊ के एडिशनल सीएमओ डॉ. एमके सिंह द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, अबतक 83 लाख डोज़ लखनऊवासियों को लगाई जा चुकी हैं। जिसमें 60+, 45-60, 18-45, 15-18 और अब 12-14 आयुवर्ष के बच्चों का टीकाकरण प्रारंभ हो गया है जिसके अन्तरगत विद्यालयों में टीकाकरण कैम्प लगाकर कोरोनारोधी टीका लगाया जा रहा है।
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