हरिद्वार – हरियाणा के हिसार से शादी कर दुल्हन को लेकर दूल्हा सीधा लॉ कॉलेज पहुंचा. लॉ कॉलेज के बाहर दूल्हा और दुल्हन की सजी हुई कार देखकर सभी हैरत में थे. इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता सिर पर सेहरा और शेरवानी पहने हुए दूल्हा गाड़ी से निकल कर लॉ कॉलेज मैं अंदर की ओर भागता हुआ चला गया. दुल्हन और रिश्तेदार गाड़ी में ही बैठकर दूल्हे का इंतजार कर रही. दरअसल वहां पर लॉक के एग्जाम चल रहे थे. मामला हरिद्वार का है जहां श्यामपुर के रहने वाले तुलसीदास का विवाह हरियाणा के हिसार से हुआ दुल्हन को फेरे करा कर वापस लौटा सीधे अपने कॉलेज पहुंचा और प्रधानाचार्य से दूल्हे की ड्रेस में ही परीक्षा देने की अनुमति प्राप्त कर उसने सीपीसी पेपर की परीक्षा दी
सेहरा शेरवानी पहन दिया एग्जाम
तुलसी प्रसाद उर्फ तरुण गाजीवाली श्यामपुर कांगड़ी के रहने वाले हैं , शादी का जो प्रोग्राम था आज का था और आज की डेट में उसका एग्जाम भी पड़ गया. जिसकी वजह से दूल्हे को दुल्हन लेकर घर नहीं सीधा परीक्षा भवन पहुंचना पड़ा. एलएलबी फिफ्थ सेमेस्टर के सीपीसी का को जब तक तू दूल्हा पूरी करता है तब तक दुल्हन को बाहर ही गाड़ी में इंतजार करना पड़ा. तुलसी ने बताया कि शेरवानी अचकन और चेहरा पहनकर जब वह परीक्षा हॉल में घुसे तो सभी छात्र उन्हें देखकर हंसने लगे. तुलसी ने कहा कि मुझे थोड़ा सा ओकवर्ड लग रहा था, लेकिन एग्जाम भी जरूरी था.
प्रधानाचार्य ने की तारीफ
कॉलेज के प्रधानाचार्य अशोक कुमार तिवारी का कहना है कि आज जिस छात्र ने पेपर दिया है शादी की वेशभूषा में उसका एलएलबी फिफ्थ सेमेस्टर का पेपर था सीपीसी का ,अगर वह बच्चा यह पेपर छोड़ देता तो उसका 1 वर्ष पूरा खराब होता, क्योंकि अंतिम वर्ष में है , फिफ्थ और सिक्स्थ सेमेस्टर अंतिम वर्ष होता है अगर यह पेपर छोड़ता तो इसे 1 वर्ष पूरा इंतजार करना पड़ता, इस वजह से इसने परमिशन मांगी कि क्या मैं इस वेश में पेपर दे सकता हूं ,यह समय से आ गया क्योंकि अपने विवाह से सीधा यही आया है अपने घर न जा करके इसने पेपर दिया, इसने प्राथमिकता पहले पेपर को दी है यह बहुत अच्छी बात है कि उसने अपने कैरियर को देखते हुए भले ही उसका वैवाहिक जीवन के साथ कैरियर स्टार्ट हो रहा है लेकिन उसने अपने इस कार्य को प्राथमिकता दी कि मेरे को अपना व्यावसायिक जीवन को प्राथमिकता देते हुए इस पेपर को पहले दिया.
