जयपुर: राजस्थान में कांग्रेस के बीच जारी घमासान के साथ-साथ अशोक गहलोत सरकार और राजभवन में भी टकराव खुलकर नजर आने लगा है। मिली जानकारी के अनुसार राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने अशोक गहलोत सरकार की विधानसभा सत्र बुलाने से जुड़ी फाइल को लौटा दिया है।
कुछ और जानकारियां मांगीं
सूत्रों के हवाले से बताया है कि राजभवन ने फाइल लौटाने के साथ-साथ कुछ और जानकारी भी राज्य सरकार से मांगी है। दरअसल राज्य में सरकार बचाने की चुनौती का सामना कर रहे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के मंत्रिमंडल ने 31 जुलाई को विधानसभा का सत्र बुलाने के लिए राज्यपाल को संशोधित प्रस्ताव भेजा था। इस प्रस्ताव में राजस्थान सरकार ने विधानसभा में कोरोना पर चर्चा की बात कही थी। सूत्रों के अनुसार फ्लोर टेस्ट का इसमें जिक्र नहीं था।
अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है गहलोत सरकार
बता दें कि सचिन पायलट समेत 19 कांग्रेसी विधायकों द्वारा बागी तेवर अपना लिए जाने के बाद से गहलोत सरकार अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है। इसी के मद्देनजर गहलोत राज्यपाल पर विधानसभा में बहुमत साबित करने का मौका देने के लिये दबाव बना रहे है। वहीं, कांग्रेस का आरोप है कि विधानसभा का सत्र बुलाने की सरकार की मांग है लेकिन केंद्र के कथित इशारे पर इसमें देरी की जा रही है।

