नई दिल्ली। देश की पहली कोरोना टैबलेट अपने पहले परीक्षण में खरी उतर चुकी है। कोरोना की इस टैबलेट को सेंट्रल ड्रग्स लैब (सीडीएल) कसौली ने परीक्षण जांचा है। जहां पर ये गुणवत्ता के मामले में खरी उतरी है। वीएक्सए-जीओवी 2 एंटरिक कोटेड टैबलेट पहले चरण को सफलतापूर्वक पार करने के बाद अब इसको क्लीनियकल ट्रायल की सहमति दी गई है।
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अब इस टैबलेट का क्लीनिकल ट्रायल शुरू होंगा। टैबलेट को बंगलूरू की कंपनी सिनजिन ने अमेरिका से आयात किया है। कंपनी का दावा है कि कोरोना की ये टैबलेट इसी साल के अंत में बाजार में उतार दी जाएगी। बताया जाता है कि यदि ट्रायल सफल रहे तो टैबलेट खाते ही कोरोना रोगी पर असर दिखना शुरू होगा। इसके बाद मरीज कुछ दिन में ही स्वस्थ हो जाएगा।
कोरोना टैबलेट बाजार में आने के बाद से कोरोना टीका लगवाने से छुटकारा मिलेगा और शरीर में एंटीबॉडी भी जल्द बनेंगी। सीडीएल कसौली में टैबलेट गुणवत्ता और क्षमता को जांचा है। बाजार में उतारने से पहले कोरोना टैबलेट परीक्षण के दो और चरणों से गुजरनी होगी। इसी के साथ वैक्सीन का क्लीनिकल ट्रायल भी होंगा। इसकी रिपोर्ट ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) को भेजनी होगी। सीडीएल कसौली में टैबलेट का परीक्षण गत मई में शुरू किया गया था। अगर अब यह कोरोना टैबलेट हर पैमाने पर खरी उतरती रही तो यह पहली कोरोना टैबलेट होगी। सीडीएल कसौली की वेबसाइट पर भी इसकी पुष्टि हुई है।
इसके पहले चरण को पार करने के बाद दूसरा ट्रायल 10 अगस्त को शुरू होगा। इसके लिए कंपनी की तरफ से प्रक्रिया जारी है। कंपनी इसके ट्रायल बैच को सीडीएल कसौली परीक्षण के लिए भेजेगी। देश में अब तक कोवैक्सीन,कोविशील्ड, मोडर्ना, स्पुतनिक-वी, जायकॉव डी, जॉनसन एंड जॉनसन, कोवोवैक्स, कोर्बेवैक्स, स्पुतनिक लाइट समेत अन्य कोरोना टीकों को डीसीजीआई मंजूरी दे चुकी है।

