नई दिल्ली। राजस्थान में नूपुर शर्मा जिनकी पैगंबर मुहम्मद के बारे में टिप्पणियों के परिणाम स्वरूप मुस्लिम समुदाय में व्यापक आक्रोश था। इसका सार्वजनिक रूप से समर्थन करने के लिए एक हिंदू दर्जी की हत्या के बाद दो मुस्लिम युवकों गिरफ्तार किया गया था। इस हत्याकांड की भारत के लगभग सभी प्रमुख मुस्लिम संगठनों ने निंदा की। जिनमें जमीयत उलेमा ए हिंद जमात ए इस्लाम हिंद, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड आदि शामिल हैं। प्रत्येक संगठन ने कहा कि यह किसी भी तरह से उचित नहीं ठहराया जा सकता था और इस्लाम के खिलाफ था।
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जमीयत उलेमा ए हिंद जमात ए इस्लाम हिंद के महासचिव मौलाना हकीमुद्दीन कासमी ने स्पष्ट रूप से पैगंबर के अपमान के बहाने उदयपुर में नृशंस हत्या की घटना की निंदा की और इसे देश के कानून और इस्लाम धर्म के खिलाफ बताया। जेयूएच के प्रमुख मौलाना महमूद मदनी ने इस घटना के खिलाफ अपनी नाराजगी व्यक्त करने के लिए ट्विटर का सहारा लिया और ये कहा कि “उदयपुर की घटना मानवता का अपमान है और इस्लाम को बदनाम करने का कार्य है। कोई फर्क नहीं पड़ता कौन हत्यारा है। कानून और व्यवस्था किसी को भी अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है।”
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