चुनावी महासमर की पहली हुंकार का काउंटडाउन शुरू,वादों और इरादों के इम्तिहान की बारी

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चुनावी महासमर की पहली हुंकार का काउंटडाउन शुरू,वादों और इरादों के इम्तिहान की बारी

मेरठ। प्रदेश के विधानसभा चुनाव का पहला चुनावी समर गुरुवार हो होगा। इसके लिए काउंटडाउन शुरू हो चुका है। कल यानी गुरुवार को मतदाता हुंकार भरेंगे और ईवीएम पर बटन दबाकर प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। मंगलवार को चुनाव प्रचार थम जाने के बाद आज बुधवार को घर—घर जनसंपर्क और वोटों की जोड़तोड़ का गणित लगाया जाएगा। बता दे कि पहले चरण के चुनाव में प्रदेश के 11 जिलों की 58 सीटों पर 10 फरवरी को मतदान डाले जाएंगे। प्रचार भी मंगलवार को थम गया है। फैसले की बारी अब जनता के हाथ में है। पहले चरण का किला जिस दल और महारथी ने भेद लिया उसके लिए आगे की राह आसान होगी।

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प्रदेश विधानसभा चुनाव के सात चक्व्यूह निर्वाचन आयोग ने बनाए हैं। यानी सात चरणों में मतदान की तारीख को घोषित किया है। पहले चरण का द्वार भेदने के लिए सभी दलों ने पूरा जोर लगाया है। दलों और प्रत्याशियों के अलावा स्टार प्रचारकों ने भी दांवपेच अजमाए हैं। सभी उम्मीदवारों को अपने समीकरण पर भरोसा है। दलों और प्रत्याशियों के वादों, बातों और इरादों का रंग मतदाताओं पर कितना चढ़ा यह गुरुवार को पता चलेगा। हालांकि गुरुवार को तो मतदान होगा। चुनाव की पूरी पिक्चर 10 मार्च को साफ होगी। बता दें कि मतदाता किसी का नहीं होता। इसका इतिहास जीता जागता सबूत रहा है। मतदाताओं का मूड बदला तो दल जमीन में धूल फांकते नजर आए। आज कांग्रेस,बसपा और सपा की हालत मतदाताओं के कारण ही है। 2017 में जिस मतदाता ने भाजपा को सिर पर बैठाया क्या इस बार भी ऐसा करेगा। हालांकि भाजपा को अपने पर भरोसा है। लेकिन मतदाताओं पर भरोसा नहीं करना चाहिए। इस बार भी मतदाता ने अपना मन बना लिया है। वह किसी अगर-मगर में नहीं। जिसके लिए मन बनाया है वोट उसी को करेगा। मतदाताओं ने प्रत्याशियों का फैसला लिख दिया है। उसे बस अब 10 मार्च को सुनाना बाकी होगा।

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पश्चिमी उप्र की 11 जिलों की 58 सीटों पर इस बार 623 प्रत्याशी मैदान में हैं। इनमें निर्दलीय प्रत्याशी भी शामिल हैं। इस बार मुकाबला वाकई दिलचस्प है। पहले चरण के जनसंपर्क अभियान में भाजपा और गठबंधन यानी सपा रालोद के बीच जमकर बयानबाजी के अलावा तीखी नोंकझोंक भी हुई है। इस बीच वोटर बड़ी खामोशी के साथ दलों की सभी हरकतों पर नजर रखे हुए था। ये खामोशी कल गुरुवार को टूटेगी जब ईवीएम का बटन दबेगा।

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