काशी हिंदू विश्वविद्यालय का तीन सदस्यीय दल भूमि पूजन की प्रक्रिया को पूरा कराएगा.
-शुभ मुहूर्त का समय गोपनीय बताते हुए प्रो. विनय ने बताया कि पूजन कार्यक्रम तीन घंटे तक चलेगा
अमित बिश्नोई
श्रीराम मंदिर के निर्माण के लिए तैयारियां जोरों पर है. पीएम मोदी 5 अगस्त या एक दिन पहले अयोध्या पहुंच सकते हैं. श्रीराम मंदिर के शिलान्यास पूजन का काम बुद्ध की नगरी कुशीनगर के एक पंडित को दी गई है.दरअसल, काशी हिंदू विश्वविद्यालय का तीन सदस्यीय दल भूमि पूजन की प्रक्रिया को पूरा कराएगा. कुशीनगर के प्रो. विनय कुमार पांडेय के साथ आचार्यों का यह दल पूजन की तैयारी में जुटा है.
विनय के गांव में हर्ष का माहौल
आचार्य दल में प्रो. रामचन्द्र पांडेय व प्रो. रामनरायन द्विवेदी शामिल हैं.शुभ मुहूर्त का समय गोपनीय बताते हुए प्रो. विनय ने बताया कि पूजन कार्यक्रम तीन घंटे तक निर्वाध चलेगा. प्रो. विनय को मिले ऐतिहासिक महत्व के इस दायित्व से गांव में हर्ष का माहौल है. परिवार के सदस्य खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं.
कुशीनगर जिले के पडरौना ब्लाक के विशुनपुरा गांव में किसान रामदेव पांडेय के घर 20 नवंबर 1979 को जन्मे विनय चार भाइयों में ज्येष्ठ हैं. उनकी प्रारम्भिक शिक्षा गांव के प्राथमिक विद्यालय में हुई.
संस्कृत हिंदी दोनों में समान अधिकार
पूर्व माध्यमिक की शिक्षा कठकुइया के सरस्वती शिशु मंदिर में प्राप्त करने के बाद हाईस्कूल व इंटरमीडियट की परीक्षा गोरक्षनाथ संस्कृत विद्यालय गोरखपुर में हुई. उच्च अध्ययन के लिए बनारस हिदू विश्वविद्यालय में दाखिला लिया. वर्तमान में विश्वविद्यालय के ज्योतिष शास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष हैं. साथ ही काशी विद्वत परिषद के संगठन मंत्री भी हैं. संस्कृत, हिदी, अंग्रेजी पर समान रूप से अधिकार रखने वाले प्रो. विनय की ज्योतिष, वास्तु व कर्मकांड पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 14 व राष्ट्रीय स्तर पर 40 शोध पत्र व सात पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं. पूर्व में भी वह प्रधानमंत्री के महत्वपूर्ण अनुष्ठान पूजन के कार्यक्रमों में शामिल हो चुके हैं.
श्रीराम की अनुकंपा से मिला यह दायित्व
काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी के ज्योतिष शास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. विनय कुमार पांडेय ने कहा कि रामजन्मभूमि राष्ट्रीय नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय महत्व का विषय है। भगवान राम सनातन संस्कृति के आराध्य हैं। उनकी जन्मभूमि अयोध्या सनातन संस्कृति की धरोहर है। जन्मभूमि पर श्रीराम मंदिर की स्थापना से पहले प्रधानमंत्रीजी के हाथों शिलान्यास पूजन कर लौकिक, पारलौकिक जीवन धन्य हो जाएगा। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की अनुकंपा से ही मुझे यह सौभाग्य मिल रहा है।

