मृत सीओ के भाई ने पूछा, क्या ऐसे ही होती है गिरफ्तारी ?

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मृत सीओ के भाई ने पूछा, क्या ऐसे ही होती है गिरफ्तारी ?

  • दिवंगत सीओ देवेंद्र मिश्रा के भाई कमलकातं ने सिस्टम पर उठाए सवाल
  • उन्होंने कहा, ‘ये गिरफ्तारी नहीं है बल्कि उसे मौत बचाया गया है.’

यूपी के कानपुर में हुआ हत्याकांड पिछले 7 दिनों से सुर्खियां में है. इसमें 8 पुलिसकर्मियों को मौत के घाट उतारा गया था. सीओ देवेंद्र मिश्रा के मर्डर में हैवानियत की सारी हदें पार की गई थी.उनके भाई कमलकांत मिश्रा ने विकास दुबे के अरेस्ट होने के बाद की.उन्होंने कहा, एक दिन पहले उसे फरीदाबाद में देखा गया. अगले दिन वह सुरक्षित उज्जैन के महाकाल मंदिर पहुंच जाता है, जबकि फरीदाबाद से उज्जैन पहुंचने में 12 घंटे लगते है. आठ पुलिसकर्मियों की हत्या अकेले विकास दुबे या उसके गैंग ने नहीं की है. उसके साथ और दूसरे लोग भी शामिल थे, जो अबतक उसे बचाते रहे. उन्हीं की सलाह पर उसने सरेंडर भी किया है. इसको मैं पकड़ना नहीं कहुंगा. असल में उसे मौत से बचाया गया है. यह दर्शाता है कि उसे विश्वास था कि उसे बचा लिया जाएगा.”

विकास दुबे का नेटवर्क एक्टिव है
कानपुर में शहीद हुए सीओ देवेंद्र कुमार मिश्रा के परिवार ने विकास दुबे की गिरफ्तारी पर सवाल उठाया है कि क्या ऐसे ही होती हैं गिरफ्तारियां? भाई ने कहा, विकास दुबे का नेटवर्क एक्टिव है. सारे राज्यों की पुलिस और एसटीएफ के अलर्ट रहते हुए भी वो महाकाल मंदिर पहुंच गया. वहां जाकर दर्शन की टिकट कटवाता है. ये कैसे संभव है? इसके बाद जब पुलिस वहां पहुंचती है तो मीडियावालों को लेकर जाती है. क्या ऐसे ही होती है गिरफ्तारी? उन्होंने आगे कहा, मैं किसी पुलिस पर आरोप नहीं लगा रहा हूं. मैं सीधे-सीधे तंत्र पर आरोप लगा रहा हूं. पुलिसवाले अपना काम कर रहे हैं. सभी पुलिसवालों या किसी पूरी राजनीतिक पार्टी पर आरोप लगाना गलत है. इसमें शामिल लोगों की पहचान होनी चाहिए.

पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने पूछा, सरेंडर या अरेस्ट?
विकास दुबे की गिरफ्तारी को लेकर विपक्ष की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं. समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, “खबर आ रही है कि ‘कानपुर-कांड’ का मुख्य अपराधी पुलिस की हिरासत में है. अगर ये सच है तो सरकार साफ करे कि ये आत्मसमर्पण है या गिरफ़्तारी. साथ ही उसके मोबाइल की सीडीआर सार्वजनिक करे जिससे सच्ची मिलीभगत का भंडाफोड़ हो सके.

इंस्पेक्टर से सीओ बने थे देवेंद्र
कानपुर में शहीद हुए सीओ देवेंद्र कुमार मिश्रा 2016 के पीपीएस अफसर थे. इंस्पेक्टर से प्रमोट होकर देवेंद्र कुमार सीओ बनाये गये थे. 13 जुलाई 2016 को हाथरस में इंस्पेक्टर की तैनाती पर मिला था सीओ का प्रमोशन. सीओ बनने के बाद गाजियाबाद में डिप्टी एसपी के तौर पर पहली तैनाती हुई थी. देवेंद्र मिश्रा 6 अगस्त 2016 से 1 अगस्त 2017 तक गाजियाबाद में तैनात रहे. गाजियाबाद जिला पुलिस से हटने के बाद गाजियाबाद पीएसी में भी पोस्टिंग रही. 11 अक्टूबर 2018 को देवेंद्र कुमार मिश्रा कानपुर में सीओ बनकर आए थे.

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